लंदन में बैठे कार्ति चिदंबरम के चेन्नई आवास पर CBI का छापा, चीनी नागरिकों को अवैध वीजा दिलाने से जुड़ा है मामला

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) की एक टीम शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) के बेटे और सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) के आवास पर छापेमारी की

अपडेटेड Jul 09, 2022 पर 6:47 PM
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कार्ति चिदंबरम इस वक्त लंदन में हैं

- शंकर आनंद

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) की एक टीम शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) के बेटे और सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) के आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम कुछ चीनी मूल के लोगों को कथित तौर पर अवैध वीजा दिलाने के एक मामले में उनसे पूछताछ के लिए पहुंची थी। हालांकि कार्ति चिदंबरम उस वक्त अपने चेन्नई स्थित आवास पर उपलब्ध नहीं थे और वह फिलहाल लंदन में हैं।

सीबीआई ने बाद में घर में मौजूद कार्ति चिदंबरम की मां नलिनी चिदंबरम से कई मसलों पर पूछताछ की। उनकी मां ने ही सीबीआई को बताया गया कि कार्ति फिलहाल लंदन में मौजूद हैं। बता दें कि सीबीआई इस मामले में कार्ति चिदंबरम से पिछले महीने ही दो दिनों तक लगातार पूछताछ कर चुकी हैं।


क्या है यह मामला?

यह मामला पंजाब में स्थापित एक पावर प्रोजेक्ट के लिए चीनी मूल के करीब 263 लोगों को कथित तौर पर अवधै तरीके से वीजा दिलाने से जुड़े है। सीबीआई का कहना है कि वीजा दिलाने के नाम पर पैसों का भी लेनदेन गुआ है, जो विदेश से किया गया था। सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने करने के बाद 9 लोकेशन पर छामेपारी की थी।

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इसमें पी चिदंबरम के जोरबाग स्थित आवास, चेन्नई आवास, कर्नाटक ,ओडिशा, मुम्बई, पंजाब, आदि लोकेशन पर छापेमारी की थी। इसी मामले में कार्ति चिदंबरम के बेहद खास सहयोगी भास्कररमन से भी पूछताछ की गई थी। भास्कररमन पर आरोप है कि उनके जरिए ही अवैध वीजा से जुड़े पैसों के लेनदेन को अंजाम दिया गया था। इस केस में कार्ति चिदंबरम के ऊपर दोबारा गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है ।

पी. चिदंबरम भी आ सकते हैं जांच एजेंसी के रडार पर

सीबीआई जिस गंभीरता से इस मामले की जांच कर रही है, उसे देखा जाए तो इस मामले में एजेंसी बाद में पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम से भी पूछताछ कर सकती है। ये मामला साल 2011 का है, जब कार्ति चिदंबरम के पिता पी. चिदम्बरम केंद्रीय गृहमंत्री पद पर कार्यरत थे।

जांच एजेंसी को ये जानकारी मिली थी कि कार्ति चिदंबरम और उसके सहयोगियों ने उनके पिता के नाम और पद का दुरुपयोग करते हुए इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। ऐसे में एजेंसी इस मामले में पी चिदंबरम को भी समन भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है।

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