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Same-Sex Marriage: केंद्र ने समलैंगिक विवाह को मान्यता देने का किया विरोध, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताई ये वजह

Same-Sex Marriage: केंद्र सरकार ने समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की दलीलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि पार्टनर के रूप में एक साथ रहना और समलैंगिक व्यक्तियों द्वारा यौन संबंध बनाना, जिसे अब अपराध की कैटेगरी से बाहर कर दिया गया है। भारतीय परिवार इकाई एक पति, एक पत्नी एवं उनसे पैदा हुए बच्चों के साथ तुलनीय नहीं है। केंद्र सरकार ने कहा कि शादी की धारणा ही अनिवार्य रूप से विपरीत जेंडर के दो व्यक्तियों के बीच एक संबंध को मानती है। यह परिभाषा सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी रूप से विवाह के विचार और अवधारणा में शामिल है। इसे न्यायिक व्याख्या से कमजोर नहीं किया जाना चाहिए

Curated By: Akhileshअपडेटेड Mar 12, 2023 पर 6:52 PM
Same-Sex Marriage: केंद्र ने समलैंगिक विवाह को मान्यता देने का किया विरोध, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताई ये वजह
Same-Sex Marriage: केंद्र सरकार ने समलैंगिक विवाह को मान्यता दिए जाने का विरोध किया है

केंद्र सरकार (Central Government) ने रविवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक हलफनामा दायर कर भारत में समलैंगिक शादियों (Same-Sex Marriage) को कानूनी मान्यता देने का विरोध किया। केंद्र ने कहा है समलैंगिक विवाह को मंजूरी नहीं दी जा सकती है। ये भारतीय परिवार की अवधारणा के खिलाफ है। परिवार की अवधारणा पति-पत्नी और उनसे पैदा हुए बच्चों से होती है। सरकार ने जोर देकर कहा कि समलैंगिक विवाह सामाजिक नैतिकता और भारतीय लोकाचार के अनुरूप नहीं है। केंद्र ने कहा है कि पार्टनर के रूप में एक साथ रहना और समलैंगिक व्यक्तियों द्वारा यौन संबंध बनाना (जिसे अब अपराध की कैटेगरी से बाहर कर दिया गया है) भारतीय परिवार इकाई एक पति, एक पत्नी एवं उनसे पैदा हुए बच्चों के साथ तुलनीय नहीं है।

अपने हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा कि शादी की धारणा ही अनिवार्य रूप से विपरीत जेंडर के दो व्यक्तियों के बीच एक संबंध को मानती है। यह परिभाषा सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी रूप से विवाह के विचार और अवधारणा में शामिल है। इसे न्यायिक व्याख्या से कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

हलफनामे में आगे कहा गया है कि विवाह संस्था और परिवार भारत में महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाएं हैं, जो हमारे समाज के सदस्यों को सुरक्षा, समर्थन और सहयोग प्रदान करती हैं। यह बच्चों के पालन-पोषण और उनके मानसिक और मनोवैज्ञानिक पालन-पोषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

'समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के मौलिक अधिकार का दावा नहीं कर सकते'

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