केंद्र सरकार (Central Government) ने रविवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक हलफनामा दायर कर भारत में समलैंगिक शादियों (Same-Sex Marriage) को कानूनी मान्यता देने का विरोध किया। केंद्र ने कहा है समलैंगिक विवाह को मंजूरी नहीं दी जा सकती है। ये भारतीय परिवार की अवधारणा के खिलाफ है। परिवार की अवधारणा पति-पत्नी और उनसे पैदा हुए बच्चों से होती है। सरकार ने जोर देकर कहा कि समलैंगिक विवाह सामाजिक नैतिकता और भारतीय लोकाचार के अनुरूप नहीं है। केंद्र ने कहा है कि पार्टनर के रूप में एक साथ रहना और समलैंगिक व्यक्तियों द्वारा यौन संबंध बनाना (जिसे अब अपराध की कैटेगरी से बाहर कर दिया गया है) भारतीय परिवार इकाई एक पति, एक पत्नी एवं उनसे पैदा हुए बच्चों के साथ तुलनीय नहीं है।
