प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की तरफ से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर चंद्रयान -3 (Chandrayaan-3) लैंडर की सफल सॉफ्ट-लैंडिंग (Soft Landing) पर बहुत खुश थे। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के अंधेरे वाले हिस्से पर उतरने वाला पहला देश बन गया है। मोदी फिलहाल दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के 15वें संस्करण में भाग ले रहे हैं।
पीएम मोदी ने वर्चुअली कहा, "मैं इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए ISRO, इसके वैज्ञानिकों को दिल से बधाई देता हूं।" उन्होंने कहा, "मैं भले ही दक्षिण अफ्रीका में हूं, लेकिन मेरा दिल हमेशा चंद्रयान मिशन के साथ रहा है।"
अपने भाषण में पीएम मोदी ने ये भी घोषणा की कि अंतरिक्ष संगठन ने भविष्य के लिए कई दूसरे लक्ष्य भी तय किए हैं। मोदी ने कहा, "ISRO आदित्य एल1 मिशन (Aditya L1 Mission) लॉन्च करेगा, जो सूर्य के विस्तृत अध्यन का मिशन है, साथ ही गगनयान (भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष-उड़ान मिशन) भी है।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर आगामी प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने कई बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं।
उन्होंने कहा कि चंद्रयान महाअभियान की ये उपलब्धि भारत की उड़ान को चंद्रमा की कक्षाओं से आगे ले जाएगी।
उन्होंने कहा, "हम हमारे सौरमंडल की सीमाओं का सामर्थ्य परखेंगे और मानव के लिए ब्रह्मांड की अनंत संभावनाओं को साकार करने के लिए भी जरूरी काम करेंगे। हमने भविष्य के लिए कई बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। जल्द ही, सूर्य के विस्तृत अध्ययन के लिए इसरो ‘आदित्य एल-1’ मिशन लांच करने जा रहा है। इसके बाद शुक्र भी ISRO के लक्ष्यों में से एक है। गगनयान के जरिए देश अपने पहले मानव अंतरिक्ष फ्लाइट मिशन के लिए भी पूरी तैयारी के साथ जुटा है।"
विज्ञान और प्रौद्योगिकी को देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार बताते हुए मोदी ने कहा कि आज के दिन को देश हमेशा-हमेशा के लिए याद रखेगा।
उन्होंने कहा, "यह दिन हम सभी को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। ये दिन हमें अपने संकल्पों की सिद्धि का रास्ता दिखाएगा। ये दिन, इस बात का प्रतीक है कि हार से सबक लेकर जीत कैसे हासिल की जाती है।"