Chenab Rail Bridge: दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनकर तैयार, अब लोग ट्रेन से कश्मीर की कर सकेंगे यात्रा

Chenab Rail Bridge: लगभग दो दशकों के बाद जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज लगभग बनकर तैयार हो गया है। ट्रेनें जल्द ही कश्मीर की वादियों में तेज रफ्तार से दौड़ेंगी। यह रेलवे पुल 359 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है और यह 1,315 मीटर लंबा है। अधिकारियों ने मनीकंट्रोल को बताया कि जम्मू-कश्मीर में दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज जल्द ही शुरू होने जा रहा है

अपडेटेड Apr 03, 2023 पर 2:42 PM
Chenab Rail Bridge: यह रेलवे पुल 359 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है और यह 1,315 मीटर लंबा है

Chenab Rail Bridge: लगभग दो दशकों के बाद जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज लगभग बनकर तैयार हो गया है। ट्रेनें जल्द ही कश्मीर की वादियों में तेज रफ्तार से दौड़ेंगी। यह रेलवे पुल 359 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है और यह 1,315 मीटर लंबा है। अधिकारियों ने मनीकंट्रोल को बताया कि जम्मू-कश्मीर में दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज जल्द ही शुरू होने जा रहा है। भारत के पहले केबल आधारित रेलवे पुल का काम लगभग पूरा हो चुका है। पुल पर काम कर रहे रेलवे इंजीनियरों ने मनीकंट्रोल को बताया कि इस महीने की शुरुआत में ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो गया था।

कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRCL) के सिविल इंजीनियर तसदुक हुसैन ने मनीकंट्रोल से कहा कि हमने आखिरकार पुल पर काम पूरा कर लिया है। बहुत जल्द जम्मू से श्रीनगर के बीच ट्रेनें चलेंगी। यह पुल दोनों ओर बाकल और दुग्गा रेलवे स्टेशनों को जोड़ेगी। उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में अंजी नदी पर बना यह पुल जल्द ही चालू होने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू से करीब 80 किलोमीटर दूर बन रहे इस पुल पर ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी।

बहुप्रतीक्षित दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल नदी के ऊपर 359 मीटर (1,178 फीट) की ऊंचाई पर चिनाब नदी तक फैला है। यह रेलवे पुल पेरिस के एफिल टॉवर से भी 35 मीटर लंबा है। रेलवे पुल नदी के तल से 1,178 फीट ऊपर है, जो कटरा से बनिहाल को एक महत्वपूर्ण लिंक बनाता है। यह उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (USBRL) का हिस्सा है, जो 35,000 करोड़ रुपये की एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। कटरा और रियासी स्टेशनों के बीच बनाया जा रहा अंजी पुल केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पड़ता है।


ट्रेन से कश्मीर की कर सकेंगे यात्रा

चिनाब पुल पर मनीकंट्रोल से बात करने वाले एक अन्य युवा इंजीनियर ने कहा कि रेलवे प्रोजेक्ट डेढ़ साल के भीतर पूरी हो जाएगी। मतलब 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले लोग ट्रेन से कश्मीर की यात्रा कर सकेंगे। एक ऑनसाइट इंजीनियर ने कहा कि निर्माण 2004 में शुरू हुआ था। चिनाब पुल को 8 साल के भीतर पूरा किया जाना चाहिए था, लेकिन कई वजह के कारण काम सालों तक रुका रहा, जिससे देरी हुई।

कोई जान नहीं गई

चिनाब के डिप्टी चीफ इंजीनियर रश्मी रंजन मल्लिक ने मनीकंट्रोल को बताया कि क्षेत्र में लगातार तेज हवाएं इंजीनियरों के लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक हैं, जिसका उन्होंने अत्याधुनिक इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से निपटने का दावा किया है। दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज का निर्माण निस्संदेह इंजीनियरों के लिए एक कठिन काम था। बिना किसी मजदूर या इंजीनियर की जान गंवाए यह काम पूरा हो गया।

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2,200 श्रमिकों और 105 इंजीनियरों ने पुल को बनाने में चौबीसों घंटे काम किया है। कुछ मजदूरों को चोटें आईं, लेकिन कुल मिलाकर प्रोजेक्ट बिना किसी दुर्घटना के पूरी हो गई। मनीकंट्रोल द्वारा एक्सेस किए गए एक आधिकारिक दस्तावेज से पता चला है कि 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए बनाए जाने वाले पुल की न्यूनतम आयु 120 साल होगी। पुल के निर्माण में 29000 मीट्रिक टन स्ट्रक्चरल स्टील का इस्तेमाल किया गया है।

एफिल टॉवर से भी ऊंचा है यह पुल

अंजी नदी पर बना यह रेलवे पुल एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा था कि इस मार्ग पर जल्ट ही ट्रेन चलने लगेंगी। उन्होंने कहा कि इस लाइन के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई 'वंदे भारत' ट्रेन तैयार की जा रही है। इस विशेष ट्रेन के निर्माण के क्रम में तापमान, बर्फ जैसी हर चीज को ध्यान में रखा गया है।

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