COVID-19: जीभ में सूजन, मुंह में छाले, दांतों में दर्द; कोरोना के इन लक्षणों को गलती से भी न करें नजरअंदाज

रिसर्च से पता चला है कि खराब दांत की समस्या वाले लोग भी गंभीर COVID-19 संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं

अपडेटेड Mar 30, 2022 पर 5:45 PM
Story continues below Advertisement
कोरोना वायरस हमारी ओरल हेल्थ को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकता है

कोरोना महामारी को आए करीब तीन साल हो चुके हैं। इस दौरान हम इस वायरस के बारे में काफी कुछ जान गए हैं। हालांकि अभी भी कई ऐसी चीजें हैं, जिसके बारे में बहुत कुछ जानना बाकी है। जहां तक ​​बीमारी के लक्षणों की बात है तो, कोरोना वायरस संक्रमण के कुछ सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, थकान, स्वाद और महक में कमी आदि शामिल हैं। हालांकि टीकाकरण बढ़न के साथ जैसे-जैसे यह वायरस अपना रूप बदलता गया, स्टडीज में यह सामने आया है कि कोरोना वायरस के इसके अलावा भी लक्षण हैं, जिनका लोग सामना कर रहे हैं। इनमें से कुछ लक्षण तो काफी असामान्य हैं और इनमें हमारे मुंह, दांत और जीभ शामिल आदि शामिल है। आइए इनके बारे में जानते हैं-

कोरोना वायरस हमारे दांतों की सेहत को कैसे प्रभावित करता है?

कोरोनावायरस ACE2 नामक रिसेप्टर्स के जरिए हमारे खून में प्रवेश करता है और ये रिसेप्टर्स हमारे मुंह, जीभ और मसूड़ों में भी होते हैं। इसलिए, जिन लोगों का ओरल हेल्थ खराब होता है, उनमें भी अधिक ACE2 रिसेप्टर्स होते हैं। रिसर्च से यह भी पता चला है कि खराब दांत की समस्या वाले लोग भी गंभीर COVID-19 संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

जीभ पर कोरोना वायरस के क्या लक्षण हैं?


कोरोना वायरस को ओरल हेल्थ को भी प्रभावित करने के लिए जाना जाता है। इससे संक्रमित कई मरीजों के मुंह में छाले, जीभ पर सूजन की शिकायत आई है, तो वहीं कई ने मुंह में छालों की भी शिकायत की है। इस तरह के लक्षण खाने के दौरान बेचैनी पैदा कर सकते हैं।

यह भी पढें- India Ratings ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान 7.6% से घटाकर 7.2% किया, क्रूड की महंगाई से लगेगा झटका

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोराना वायरस के कारण कोविड टंग हो सकता है। इसमें मरीज को मरीज को जीभ की सतह पर जलन और सूजन महसूस हो सकती है। साथ ही एंटीबायोटिक दवाओं के भारी भार के कारण भी ऐसा हो सकता है।

इन लक्षणों के बारे में कम बात क्यों की जाती है?

इन लक्षणों के बारे में ज्यादातर 2 वजहों से कम चर्चा की जाती है। पहली वजह यह है कि ये लक्षण असमान्य हैं यानी इन्हें सभी मरीजों में नहीं रिपोर्ट किया जाता है। ये लक्षण कम मरीजों में पाए जाते हैं इसलिए इन पर चर्चा भी कम होती है। दूसरी वजह यह है कि ये वायरस के अन्य लक्षणों की तुलना में कम गंभीर होते हैं।

हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि हल्के सर्दी और फ्लू के रूप में ओमिक्रोन के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। WHO ने बार-बार चेतावनी दी है कि यह डेल्टा से कम गंभीर हो सकता है, लेकिन फिर भी यह कोई हल्की बीमारी नहीं है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।