धनतेरस (Dhanteras) को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, इसे कार्तिक महीने में कृष्णपक्ष के 13वें दिन मनाया जाता है। इस साल धनतेरस 10 नवंबर को है। धनतेरस के साथ दिवाली (Diwali) के त्योहार की शुरुआत हो जाती है। धनतरेस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा रही है। यह माना जाता है कि धनतेरस पर सोना, चांदी या बरतन खरीदने से घर-परिवार में खुशहाली आती है। धनतेरस पर भगवान धनवंतरी की पूजा भी होती है। उन्हें आयुर्वेद का देवता माना जाता है। बताया जाता है कि धनतेरस के दिन ही समुद्र मंथन से धनवंतरी का आगमन हुआ था। इसलिए धनतेरस पर धनवंतरी की पूजा से अच्छा स्वास्थ्य भी मिलता है।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने के फायदे
भारत में कई मौकों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन, सबसे ज्यादा लोग धनतेरस के दिन सोना खरीदते हैं। कई लोग इस मौके पर मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं। कुबेर को धन का देवता माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी पूजा से लक्ष्मी की कृपा होती है, जिससे घर-परिवार में धन का आगमन होता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन में धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी अवतरित हुई थीं। इसलिए इस दिन सोना खरीदने से घर-परिवार में समृद्धि आती है।
धनतेरस पर पूजा का मुहूर्त
इस बार धनतेरस का त्योहार 10 नवंबर को है। आमतौर पर दिवाली से 2 दिन पहले धनतेरस आता है। पंचांग के मुताबिक, धनतेरस की पूजा का मुहूर्त शाम 5:47 से लेकर शाम 7:43 बजे तक है। त्रयोदशी तिथि का आरंभा 10 नवंबर को दोपहर बाद 12:35 बजे होगा। इसका समापन 11 नवंबर को दोपहर 1:57 बजे होगा। लेकिन, धनतेरस के दिन सोना-चांदी या बरतन पूरे दिन खरीदा जा सकता है।