प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने भी उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ (Vice President Jagdeep Dhankhar) की मिमिक्री की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर एक पोस्ट में लिखा कि जिस तरह से उपराष्ट्रपति को अपमानित किया गया उससे मैं निराश हूं। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति के दौरान गरिमा का ख्याल रखना चाहिए और यह शिष्टाचार के मानदंडों के भीतर होनी चाहिए। पीएम मोदी ने भी बुधवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को फोन किया। उन्होंने संसद परिसर में कुछ सांसदों की ओर से अशोभनीय आचरण करते हुए उनका मजाक उड़ाए जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को X पर पोस्ट किया, "जिस तरह से हमारे सम्मानित उपराष्ट्रपति को संसद परिसर में अपमानित किया गया, उसे देखकर मुझे निराशा हुई। निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी अभिव्यक्ति के लिए स्वतंत्र होना चाहिए, लेकिन उनकी अभिव्यक्ति की गरिमा और शिष्टाचार के मानदंडों के भीतर होनी चाहिए। यह संसदीय परंपरा रही है जिस पर हमें गर्व है और भारत के लोग उनसे इसे कायम रखने की उम्मीद करते हैं।"
इस बीच, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। बिरला ने संसद परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा उपराष्ट्रपति के संवैधानिक पद का अपमान और अपमान करने वाले गंभीर दुर्व्यवहार के बारे में अपनी गहरी चिंताओं और पीड़ा से अवगत कराया।
पीएम मोदी ने भी जताया दुख
इससे पहले उपराष्ट्रपति सचिवालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में धनखड़ ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का फोन आया। उन्होंने कुछ माननीय सांसदों की ओर से कल, वह भी पवित्र संसद परिसर में की गई ड्रामेबाजी पर बहुत दुख व्यक्त किया।" पोस्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने धनखड़ से कहा कि वह स्वयं करीब 20 वर्षों से इस तरह के अपमान का सामना कर रहे हैं और यह सिलसिला अभी भी जारी है।
उन्होंने कहा, 'लेकिन भारत के उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के साथ यह होना, वह भी संसद में, दुर्भाग्यपूर्ण है।' धनखड़ ने पीएम मोदी से कहा कि कुछ लोगों की हरकतें उन्हें अपना कर्तव्य निभाने और संविधान में निहित सिद्धांतों को बनाए रखने से नहीं रोक सकतीं। उन्होंने कहा, 'मैं अपने दिल की गहराई से उन मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध हूं। कोई भी अपमान मुझे अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर नहीं करेगा।'
दरअसल, संसद की सुरक्षा में सेंध की घटना पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर हंगामा करने पर दोनों सदनों से 90 से अधिक विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने के विरोध में विपक्ष के सांसदों ने मंगलवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान सदन की 'मॉक कार्यवाही' का आयोजन किया था। निलंबित सांसदों ने संसद के नए भवन के मकर द्वार पर धरना दिया। इस दौरान TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्यसभा के सभापति और लोकसभा स्पीकर द्वारा, सदनों की कार्यवाही का संचालन किए जाने की नकल उतारी।
वायरल वीडियो में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बनर्जी द्वारा कार्यवाही के संचालन की नकल किए जाने का मोबाइल फोन से वीडियो बनाते देखे गए। राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष की नकल उतारे जाने की घटना पर मंगलवार को गहरी आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया था। पीएम मोदी द्वारा उपराष्ट्रपति से बात करने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "मैं कोई टिप्पणी नहीं कर रहा हूं।"