Deepotsav in Ayodhya: पीएम मोदी ने की रामलला की पूजा-अर्चना, दीपोत्सव और आरती में हुए शामिल, रोशनी से जगमगा उठी राम नगरी

प्रधानमंत्री मोदी ने दीपोत्सव समारोह में भाग लेने के अलावा सरयू घाट पर आरती में भी शामिल हुए। राम नगरी में राम की पैड़ी पर 15 लाख से अधिक दीपों को एक साथ प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है

अपडेटेड Oct 23, 2022 पर 7:15 PM
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पीएम मोदी ने दिवाली की पूर्व संध्या पर रामलला विराजमान के दर्शन किए

Deepotsav in Ayodhya: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि में रामलला की पूजा-अर्चना की। इस दौरान पीएम मोदी ने भगवान श्री राम का राज्याभिषेक भी किया। इसके बाद पीएम मोदी राम की पैड़ी पर आयोजित भव्य दीपोत्सव में भी शामिल हुए। दीपोत्सव के अवसर पर पूरी अयोध्या राममय हो गई है। राम नगरी में 15 लाख से अधिक दीपों को एक साथ प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है।

राममंदिर के निर्माण के लिए 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला अयोध्या दौरा है। दीपोत्सव समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर पहुंचे और रामलला की पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह तीर्थ क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों का मुआयना भी किया। फिर पीएम मोदी सरयू घाट पर आरती में भी शामिल हुए।

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पीएम मोदी के अयोध्या पहुंचने पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की। प्रधानमंत्री भव्य म्यूजिकल लेजर शो के साथ-साथ सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी में 3-डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग शो भी देखेंगे। इस पूरे आयोजन के लिए यूपी सरकार ने एक नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति की है।

पीएम मोदी का संबोधन

भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने कहा कि श्री रामलला के दर्शन और उसके बाद राजा राम का अभिषेक यह सौभाग्य राम जी की कृपा से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम का अभिषेक होता है तो हमारे भीतर भगवान राम के आदर्श व मूल्य और दृढ़ हो जाते हैं। राम के अभिषेक के साथ ही उनका दिखाया गया पथ और प्रदीप्त हो उठता है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भगवान राम ने अपने वचन में, अपने विचारों में, अपने शासन में, अपने प्रशासन में जिन मूल्यों को गढ़ा वो सबका साथ-सबका विकास की प्रेरणा हैं और सबका विश्वास-सबका प्रयास का आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि इस बार दीपावली एक ऐसे समय में आई है, जब हमने कुछ समय पहले ही आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं, हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। आजादी के इस अमृतकाल में भगवान राम जैसी संकल्प शक्ति देश को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि लाल किले से मैंने सभी देशवासियों से पंच प्राणों को आत्मसात करने का आह्वान किया है। इन पंच प्राणों की ऊर्जा जिस एक तत्व से जुड़ी हुई है, वो है भारत के नागरिकों का कर्तव्य। आज अयोध्या नगरी में दीपोत्सव के इस पावन अवसर पर हमें अपने इस संकल्प को दोहराना है। उन्होंने कहा कि भगवान राम मर्यादापुरुषोत्तम कहे जाते हैं। मर्यादा मान रखना भी सिखाती है और मान देना भी सिखाती है और मर्यादा जिस बोध की आग्रही होती है, वो बोध कर्तव्य ही है।

कैसी है तैयारी?

एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि राम की पैड़ी में 22,000 से अधिक स्वयंसेवकों द्वारा 15 लाख से अधिक दीये जलाए जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि बाकी दियों को महत्वपूर्ण चौराहों और स्थानों पर जलाया जाएगा। एक दिन पहले दीपोत्सव का अनुभव लेने के लिए शनिवार शाम को बड़ी संख्या में लोग राम की पैड़ी पहुंचे। दीपोत्सव के आयोजकों ने बताया कि स्वयंसेवकों को एक वर्ग में मिट्टी के 256 दीये लगाने हैं और दो चौकों के बीच की दूरी लगभग दो से तीन फीट की होगी।

स्वयंसेवकों को जनता से संभल कर चलने का आग्रह करते हुए देखा गया, ताकि ऐसा न हो कि यह मिट्टी के दीयों को नुकसान पहुंचाए। शनिवार शाम को उत्साहित युवा मिट्टी के दीयों की पृष्ठभूमि में राम की पैड़ी पर सेल्फी लेने और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसे अपलोड करने में व्यस्त थे। अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा लेजर शो, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, आतिशबाजी होगी और अन्य देशों और राज्यों के सांस्कृतिक दल रामलीला का मंचन भी करेंगे।

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