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एनालिस्ट्स ने कहा, फाइनेंशियल को छोड़ NIFTY 50 की दूसरी कंपनियों की अर्निंग अपग्रेड की संभावना बहुत कम

कंज्यूमर स्टेपल्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियां अब भी कमजोर दिख रही हैं। इससे पता चलता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) अब भी कोरोना की महामारी से पूरी तरह से नहीं उबर सकी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 07, 2022 पर 4:19 PM
एनालिस्ट्स ने कहा, फाइनेंशियल को छोड़ NIFTY 50 की दूसरी कंपनियों की अर्निंग अपग्रेड की संभावना बहुत कम
कंजम्प्शन स्पेस की कंपनियों के अब तक आए नतीजों से पता चलता है कि इकोनॉमिक रिकवरी की रफ्तार अभी सुस्त है।

सितंबर में खत्म तिमाही (September Quarter) में फाइनेंशियल और बैंकिंग सेक्टर (Financial and Banking Sectors) की कंपनियां प्रॉफिट कमाने के मामले में सबसे आगे रहीं। दूसरे सेक्टर खासकर कंज्यूमर स्टेपल्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियां अब भी कमजोर दिख रही हैं। इससे पता चलता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) अब भी कोरोना की महामारी से पूरी तरह से नहीं उबर सकी है। कंज्यूमर से जुड़ी कंपनियां इकोनॉमी की सेहत (Condition of Economy) के बारे में बताती हैं।

कंजम्प्शन स्पेस की कंपनियों के अब तक आए नतीजों से पता चलता है कि इकोनॉमिक रिकवरी की रफ्तार अभी सुस्त है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज रिसर्च के एनालिस्ट्स ने कहा, "ऑटो और कंज्यूमर स्टेपल्स की वॉल्यूम की तीन साल की CAGR और कंज्यूमर ड्यूरबेल्स कंपनियों के रेवेन्यू को देखने से संकेत मिलता है कि डिमांड की स्थितियां अब भी परिवारों की इनकम और बैलेंसशीट्स पर कोरोना की महामारी की मार से पूरी तरह नहीं उबर सकी हैं।"

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उनका कहना है कि जब तक ग्रोथ की रफ्तार नहीं बढ़ती है अर्निंग अपग्रेड की उम्मीद बहुत कम है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अब तक आए नतीजे निराशाजनक रहे हैं। निफ्टी 50 इंडेक्स की कंपनियों का कुल प्रॉफिट अनुमान के मुकाबले 4.6 फीसदी कम है। फाइनेंशियल कपनियों को हटा देने पर यह अनुमान के मुकाबले 7.7 फीसदी कम है।

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