जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था होगी बेहतर, मिड और स्मॉलकैप शेयर लार्जकैप की तुलना में कराएंगे ज्यादा कमाई: वरुण लोहचाब

वरुण लोहचाब का कहना है कि ICICIC बैंक और एसबीआई उनको पसंद है। इसके अलावा NBFC सेक्टर की चोला फाइनेंस भी उनको पसंद हैं

अपडेटेड Sep 08, 2022 पर 5:47 PM
Story continues below Advertisement
HDFC सिक्योरिटीज भारत की इकोनॉमी को लेकर पॉजिटिव है। अगले 12 से 18 महीने में इकोनॉमी में मजबूती देखने को मिलेगी

हाल के महीने में बाजार में आई रैली काफी व्यापक रही है। तमाम ऐसे सेक्टर रहे हैं जिन्होंने लार्ज कैप की तुलना में बहुत ही बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन इससे तमाम मार्केट एनालिस्ट को बहुत हैरानी नहीं हुई है। HDFC सिक्योरिटीज के वरुण लोहचाब एक ऐसे ही एनालिस्ट है। इनका मानना है कि भारतीय इकोनॉमी में रिकवरी के साथ ही ब्रॉडर मार्केट की रैली और बढ़ती नजर आएगी।

CNBC TV 18 के साथ 8 सितंबर को हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि मिड और स्माल कैप कंपनियां देश की इकोनॉमी के साथ ज्यादा व्यापक रूप से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में इकोनमी में प्रगति के साथ ही छोटी –मझोली कंपनियों को भी ज्यादा फायदा होता नजर आएगा। उन्होंने आगे कहा कि वैल्यूएशन के नजरिए से भी तमाम मिड और स्माल कैप शेयर लार्ज कैप शेयरों से बेहतर नजर आ रहे हैं। HDFC सिक्योरिटीज भारत की इकोनॉमी को लेकर पॉजिटिव है। अगले 12 से 18 महीने में इकोनॉमी में मजबूती देखने को मिलेगी।

गौरतलब है कि वरुण लोहचाब ने भारतीय इकोनॉमी और बाजार को लेकर ये उम्मीद भरी बातें उस समय कही हैं जब दुनिया भर की तमाम बड़ी इकोनॉमी और बाजार यूक्रेन और रूस के युद्ध के चलते दवाब से गुजर रहे हैं। दुनिया के तमाम देशों के बाजारों ने आगे वाली मंदी को पहले से सूंघ ली है। ऐसे में उनमें भारी गिरावट देखने को मिली है। जबकि इसी बची भारतीय बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली है।


लोहचाब ने इस बातचीत में आगे कहा कि वो बड़े बैंकों को लेकर बुलिश नजरिया रखते हैं। गौरतलब है कि मार्गन स्टेनली ने भी इस हफ्ते आई अपनी रिपोर्ट में पूरे बैंकिंग सेक्टर पर ही बुलिश नजरिया दिया है। वरुण लोहचाब का कहना है कि ICICIC बैंक और एसबीआई उनको पसंद है। इसके अलावा NBFC सेक्टर की चोला फाइनेंस भी उनको पसंद हैं।

वैश्विक मंदी का भारत पर भी पड़ेगा असर, इंफ्रा और ऑटो शेयर कराएंगे कमाई: मार्सेलस के प्रमोद गुब्बी

वरुण का यह भी मानना है कि आगे हमें बाजार में प्राइवेट कंपनियों की तरफ से क्षमता विस्तार पर निवेश बढ़ता नजर आएगा। ऐसे में सीमेंस, GMR इन्फ्रा, KNR कंस्ट्रक्शंस और NCC भी उनको पसंद है। उनका यह भी मानना है कि अगर ग्लोबल इकोनॉमी में हल्की मंदी आती है तो वो भारत के पक्ष में रहेगी। लेकिन बड़ी मंदी आती है तो इससे भारत का एक्सपोर्ट सेक्टर प्रभावित होगा। मंदी से फार्मा और आईटी सेक्टर पर थोड़ा निगेटिव असर पड़ सकता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।