केंद्र सरकार ने आज 6 सितंबर को राजस्व घाटे की भरपाई के लिए 14 राज्यों को 7183 करोड़ रुपये जारी कर दिया है। यह पोस्ट डेवलूशन रेवेन्यू डेफिसिट (PDRD) ग्रांट की छठी किश्त है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक यह ग्रांट 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर जारी किया है। पीडीआरडी ग्रांट राज्यों को संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत उपलब्ध कराया जाता है और इसका लक्ष्य डेवलूशन के बाद राज्यों के राजस्व खाते में कमी की भरपाई है।
FY23 में जारी हो चुके हैं 43100 करोड़
15वें वित्त आयोग ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 14 राज्यों को राजस्व घाटे के भरपाई के लिए 86201 करोड़ रुपये के ग्रांट की सिफारिश की है। इस राशि को वित्त मंत्रालय 12 समान किश्तों में जारी करेगी। अब छठी किश्त जारी होने के बाद चालू वित्त वर्ष 2022-23 में अब तक 43100.50 करोड़ रुपये के रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट जारी हो चुके हैं।
राज्यवार जारी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट
सबसे अधिक पश्चिम बंगाल को मिला अनुदान
15वें वित्त आयोग ने आंध्र प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल को पीडीआरडी ग्रांट की सिफारिश की थी। इस वित्त वर्ष 2022-23 में अब तक सबसे अधिक ग्रांट पश्चिम बंगाल को जारी हुआ है और उसके बाद केरल और आंध्र प्रदेश को. पश्चिम बंगाल को इस वित्त वर्ष में अब तक 6,793.50 करोड़ रुपये, केरल को 6,587 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश को 5,274.50 करोड़ रुपये का पीडीआरडी ग्रांट मिला है।