Core Sector : देश के कोर सेक्टर में जनवरी महीने में तेजी देखने को मिली है। इस दौरान कोर सेक्टर की ग्रोथ रेट बढ़कर 7.8 फीसदी पर आ गई है। यह दिसंबर महीने में दर्ज 7 फीसदी की दर से अधिक है। वहीं, जनवरी 2022 में यह आंकड़ा 4 फीसदी था। ये आंकड़े आज 28 फरवरी को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने जारी किए हैं। जनवरी महीने में कोर सेक्टर का प्रोडक्शन 4 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। प्रमुख 8 सेक्टर्स की वृद्धि दर अप्रैल 2022 से जनवरी 2023 के दौरान 7.9 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 11.6 प्रतिशत था।
बता दें कि कोयला, कच्चा तेल, उर्वरक, स्टील, रिफाइनरी उत्पाद, बिजली, सीमेंट और प्राकृतिक गैस, ये ऐसे उद्योग होते है, जिन्हें प्रमुख रुप से किसी अर्थव्यवस्था की बुनियाद माना जाता है। यही आठ क्षेत्र होते है, जो कोर सेक्टर कहे जाते हैं।
इन सेक्टर्स में बढ़ा प्रोडक्शन
आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी में तीन सेगमेंट - कोयला, उर्वरक और बिजली के उत्पादन में तेज उछाल देखने को मिला है। जनवरी में सबसे बड़ी छलांग फर्टिलाइजर सेक्टर में दर्ज की गई है। इस सेक्टर में उत्पादन में 17.9 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा, कोयले का उत्पादन 13.4 प्रतिशत और इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन 12 प्रतिशत बढ़ा है।
इस महीने क्रुड ऑय को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर्स में प्रोडक्शन बढ़ा है। क्रुड ऑयल का उत्पादन 1.1 फीसदी घट गया है। अन्य सेक्टर्स की बात करें तो नेचुरल गैस के प्रोडक्शन में 5.3 फीसदी, रिफाइनरी उत्पाद में 4.5 फीसदी, स्टील प्रोडक्शन में 6.2 फीसदी और सीमेंट प्रोडक्शन में 4.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
कोर सेक्टर्स की औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27 प्रतिशत हिस्सेदारी है और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों के लिहाज से इनका काफी महत्व है।