Get App

कम होती महंगाई से RBI को ब्याज दरों में बढ़त की गति कम करने में मिलेगी सहायता

अधिकांश अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि आरबीआई फरवरी में एक और दर वृद्धि कर सकता है। लेकिन जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के साजिद चिनॉय का कहना है कि दिसंबर की 35 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी इस चक्र की आखिरी बढ़त हो सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 06, 2022 पर 11:02 AM
कम होती महंगाई से RBI को ब्याज दरों में बढ़त की गति कम करने में मिलेगी सहायता
अगर आरबीआई की तरफ से ब्याज दरों पर नरम रुख देखने को मिलता है तो ब्याज दरों के पीक पर पहुचनें का अनुमान लगाया जाएगा

भारत का केंद्रीय बैंक आरबीआई संभवत: बुधवार को ब्याज दर में बढ़त की गति को धीमा करना शुरू करता नजर आ सकता है। आरबीआई की तरफ से इस तरह के संकेत मिल रहे हैं कि वह अपने कठोर मौद्रिक नीति के अंत के करीब है। बता दें कि इस साल अब तक रेपो रेट में 190 बेसिस प्वाइंट या 1.90 फीसदी की बढ़त की जा चुकी है। लेकिन महंगाई दर में आई गिरावट और ब्याज दरों में बढ़त से इकोनॉमिक ग्रोथ पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास अब ब्याज दरों में बढ़त की मात्रा कम कर सकते हैं।

Bloomberg की तरफ से करवाए गए एक सर्वे में शामिल 35 अर्थशास्त्रियों की राय है कि आरबीआई 7 दिसंबर को अपनी नीति दर में 35 बेसिस प्वाइंट यानी 0.35 फीसदी की बढ़त कर सकता है। बताते चलें की 100 बेसिस प्वाइंट 1 फीसदी के बराबर होता है। सर्वे में शामिल 3 अर्थशास्त्रियों की राय है कि आरबीआई 7 दिसंबर को अपनी नीति दर में 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़त कर सकता है। जबकि 10 बेसिस प्वाइंट, 30 बेसिस प्वाइंट और 50 बेसिस प्वाइंट बढ़त का संभावना के पक्ष में 1-1 अर्थशास्त्री हैं।

बता दें की आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास बुधवार 7 दिसंबर को मुंबई में सुबह 10 बजे वेबकास्ट के जरिए आरबीआई एमपीसी के फैसले की जानकारी देंगे और दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।

आरबीआई पॉलिसी मीट पर कहां रहेगी नजर

सब समाचार

+ और भी पढ़ें