दिल्ली हाईकोर्ट ने एमेजॉन के साथ चल रहे आर्बिट्रेशन को खत्म करने की फ्यूचर ग्रुप की याचिका खारिज की

एमेजॉन और फ्यूचर के बीच कानूनी लड़ाई 2020 में वापस शुरू हुई

अपडेटेड Jan 04, 2022 पर 7:14 PM
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प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने फ्यूचर ग्रुप (Future group) को एक बड़ा झटका देते हुए फ्यूचर ग्रुप की कंपनियों द्वारा सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (Singapore International Arbitration Centre) के समक्ष एमेजॉन के साथ चल रही आर्बिट्रेशन कार्यवाही (arbitration proceedings) को खतम करने से संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

किशोर बियानी (Kishore Biyani) के फ्यूचर ग्रुप ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर मध्यस्थता मामले (arbitration case) में निर्धारित सुनवाई से पहले टर्मिनेशन अर्जी पर सुनवाई करने के लिए सिंगापुर ट्रिब्यूनल को निर्देश देने की मांग की थी।

फ्यूचर ग्रुप का मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India (cci) के दिसंबर 2021 के आदेश पर टिका था, जिसने समूह की सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की प्रमोटर फर्म फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड और अमेजॉन के बीच 2019 के निवेश सौदे के लिए अपनी मंजूरी को रोक दिया था।


इस मामले में शीघ्रता का हवाला देते हुए तीन जनवरी को करीब तीन घंटे तक मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में आर्बिट्रेशन की कार्यवाही करने के लिए अपनी बैठक के लिए सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर द्वारा निर्धारित तिथियों से ठीक पहले दिये जाने के लिए अपना आदेश सुरक्षित रखा।

वहीं ट्रिब्यूनल 5 से 7 जनवरी के बीच बैठक करने के लिए तैयार है ताकि मध्यस्थता (Arbitration) मामले की सुनवाई के साथ आगे बढ़ने के लिए हर्जाने की रकम का निर्धारण किया जा सके जो कि फ्यूचर ग्रुप अमेजॉन को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।

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सिंगापुर ट्रिब्यूनल द्वारा मुख्य मामले पर निर्धारित सुनवाई से पहले इसे खतम करने के आवेदन पर फैसला करने में असमर्थ होने के बाद फ्यूचर ग्रुप ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। फ्यूचर ग्रुप के वकील ने आर्बिट्रेशन को खतम करने के लिए इसे "भारतीय कानून की अवहेलना" और "सीसीआई के आदेश की अवहेलना" कहते हुए केस दायर किया।

बता दें कि एमेजॉन और फ्यूचर के बीच कानूनी लड़ाई 2020 में वापस शुरू हुई जब फ्यूचर रिटेल ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Ltd) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) के साथ अपनी संपत्ति बिक्री सौदे की घोषणा के बाद अमेजॉन ने आर्बिट्रेशन का आह्वान किया। एमेजॉन ने दावा किया कि फ्यूचर कूपन के साथ उसके सौदे के कारण फ्यूचर रिटेल को मुकेश धीरूभाई अंबानी समूह सहित कुछ संस्थाओं के साथ समझौता करने पर रोक लग गई है। जबकि फ्यूचर रिटेल ने दावा किया कि वह एमेजॉन और फ्यूचर रिटेल की प्रोमोटर फर्म के बीच हुए सौदे के लिए बाध्य नहीं है।

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

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