भारत की इकोनॉमिक परफॉर्मेंस मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में लड़खड़ाती नजर आई। इस साल के शुरू में जारी आंकड़ों के मुताबिक, तीसरी तिमाही में कंजम्प्शन और कैपिटल एक्सपेंडिचर में जहां तेजी देखने को मिली, वहीं जीएसटी सेल्स और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में सुस्ती नजर आई। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के सीनियर एनालिस्ट पारस जसराज ने बताया, 'वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी ग्रोथ 6.5 पर्सेंट रहने का अनुमान है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में गतिविधियों में मामूली सुधार दिख रहा है, जबकि नवंबर 2024 में कोर सेक्टर की ग्रोथ 4 महीने के उच्च स्तर पर है। वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है और निवेश से जुड़ी मांग को भी सहारा मिलेगा।'
