बीत गया सुस्ती का दौर, महंगाई से राहत तो मिलेगी ही लेकिन बस इतनी ही, भारतीय इकोनॉमी के लिए IMF का ये है अनुमान

इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (IMF) का मानना है कि भारत और चीन समेत एशिया के उभरते बाजारों में आर्थिक सुस्ती का दौर अब बीत चुका है। चीन में कोविड जीरो नीति को वापस लेने, भारत में उतार-चढ़ाव और रूस की उम्मीद के विपरीत ग्रोथ के दम पर इस साल 2023 में अच्छी ग्रोथ के आसार दिख रहे हैं। आईएमएफ के मुताबिक आर्थिक सुस्ती का खराब दौर पिछले साल 2022 में ही बीत चुका है

अपडेटेड Jan 31, 2023 पर 11:27 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
IMF का अनुमान है कि इस साल भारत की इकोनॉमी 6.1 फीसदी की दर से और चीन की इकोनॉमी 5.2 फीसदी की दर से बढ़ेगी।

इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (IMF) का मानना है कि भारत और चीन समेत एशिया के उभरते बाजारों में आर्थिक सुस्ती का दौर अब बीत चुका है। चीन में कोविड जीरो नीति को वापस लेने, भारत में उतार-चढ़ाव और रूस की उम्मीद के विपरीत ग्रोथ के दम पर इस साल 2023 में अच्छी ग्रोथ के आसार दिख रहे हैं। आईएमएफ के मुताबिक आर्थिक सुस्ती का खराब दौर पिछले साल 2022 में ही बीत चुका है। आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल भारत की इकोनॉमी 6.1 फीसदी की दर से और चीन की इकोनॉमी 5.2 फीसदी की दर से बढ़ेगी। आईएमएफ के रिसर्च डिपार्टमेंट के मुख्य अर्थशास्त्री और निदेशक Pierre-Olivier Gourinchas का कहना है कि भारत और चीन को मिलाकर देखा जाए तो इस साल दुनिया भर की ग्रोथ में करीब 50 फीसदी हिस्सा इन्हीं दोनों देशों का होगा।

महंगाई से मिलेगी राहत लेकिन थोड़ा ही

इकोनॉमिक ग्रोथ की स्पीड पर इंफ्लेशन ने बड़े ब्रेकर के तौर पर काम किया। इस साल भी आईएमएफ इसके अधिक रहने की आशंका जता रहा है लेकिन इसमें थोड़ी सुस्ती आएगी। अगले साल महंगाई की रफ्तार और सुस्त हो सकती है। पिछले साल उभरते और विकासशील देशों में महंगाई दर (इंफ्लेशन) 9.9 फीसदी थी और इस साल यह 8.1 फीसदी रह सकती है। वहीं अगले साल ही राहत मिलने के आसार दिख रहे हैं क्योंकि आईएमएफ का अनुमान है कि अगले साल महंगाई बढ़ने की रफ्तार 5.5 फीसदी रहेगी। हालांकि यह भी 2017-2019 के औसतन इंफ्लेशन 4.9 फीसदी से अधिक है।


Budget Session: राष्ट्रपति के संबोधन का बायकॉट करेगी तेलंगाना के मुख्यमंत्री की पार्टी, आम आदमी पार्टी भी हो सकती है शामिल

वैश्विक स्तर पर क्या रहेगी स्थिति

आईएमएफ ने अपने लेटेस्ट वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में अनुमान जाहिर किया है कि उभरते और विकासशील देशों में इस साल इकोनॉमी 4 फीसदी की दर से बढ़ेगी जो पिछले साल अक्टूबर में लगाए गए अनुमान से 0.3 फीसदी अधिक है। पिछले साल 2022 में इकोनॉमी 3.9 फीसदी की दर से बढ़ी थी। अगले साल 2024 में 4.2 फीसदी की दर से इकोनॉमी बढ़ने का अनुमान है। वहीं वैश्विक स्तर पर बात करें तो इस साल वैश्विक विकास दर 2.9 फीसदी रहने का अनुमान है जोकि पिछले साल 3.4 फीसदी थी। हालांकि अगले साल यह 3.1 फीसदी रह सकती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।