आज बाजार के सामने सिर्फ एक ही सवाल है। अमेरिका में मंदी आएगी या नहीं। पूरी दुनिया इस सवाल पर बंटी है। CNBC-आवाज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा है कि अमेरिका में मंदी का बहुत असर नहीं होगा। हालांकि वो यूरोप को लेकर काफी चिंता में है।
ग्लोबल मंदी पर वेदांता चेयरमैन का कहना है कि महंगाई बड़ी दिक्कत है। मंदी से कमोडिटी की कीमतें कम होती हैं। अमेरिका की इकोनॉमी अब भी मजबूत है। US में मंदी का ज्यादा असर नहीं होगा। भारत आज दुनिया का उभरता सितारा है। यूरोप में महंगाई का दर्द ज्यादा है। यूरोप में मंदी को लेकर ज्यादा चिंता है।
CNBC-आवाज़ की18वीं सालगिरह के मौके पर बात करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा CNBC-आवाज़ हर हिंदी भाषी के पास पहुंचा है। आवाज़ निवेशकों की मदद कर रहा है। CNBC-आवाज़ को 18 साल के शानदार सफर के लिए बधाई।
पुरानी सोच बदली है, भारत की ताकत बढ़ी
$5 ट्रिलियन इकोनॉमी का रास्ता कैसे तय होगा? इस सवाल का जबाव देते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत की आर्थिक शक्ति बढ़ी है। $5 ट्रिलियन इकोनॉमी कम लोग समझते हैं। हिंदी भाषी लोग प्रगति की भाषा समझते हैं। उनका मानना है कि तरक्की हो, रोजगार मिले, गरीबी दूर हो।
भारत किसी महादेश से कम नहीं। हमारे कई राज्य तो तमाम दूसरे देशों के बराबर हैं। देश में सनातन धर्म की वापसी हो रही है। देश में सबका साथ, सबका विश्वास के मंत्र पर काम हो रहा है। भारत का नाम दुनिया रोशन हुआ है। पुराने जमाने में भारत को सिर्फ बाजार बनाकर रख गया था। अब पुरानी सोच बदली है, भारत की ताकत बढ़ी है। भारत अब जरूरत की हर चीज बनाने में सक्षम है।
देश में इलेक्ट्रॉनिक में अपार संभावनाएं
अनिल अग्रवाल ने आगे कहा देश में इलेक्ट्रॉनिक में अपार संभावनाएं हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में बहुत प्रगति करेगा। देश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में जॉब मिलने की व्यापक संभावना है। इलेक्ट्रॉनिक में प्रगति से डॉक्टर और इंजीनियरिंग जैसे दूसरे पेशों से दबाव घटेगा। इसमें
बच्चा अपने हुनर के दम पर नाम कमा सकता है। देश में जितनी फैक्ट्रियां लगेंगी, उतना रोजगार पैदा होगा। राज्य अपने स्तर पर निवेश का न्यौता दे रहे हैं। स्टार्टअप के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। देश में हर स्पेस में लड़कियां अपना नाम बना रही है।
भारत दुनिया के लिए स्वीट स्पॉट
आर्थिक इको सिस्टम में क्या बदलाव की जरुरत? इस सवाल का जवाब देते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत दुनिया के लिए स्वीट स्पॉट है। दुनिया मैन्युफैक्चरिंग में चीन का विकल्प तलाश रही है। दुनिया के लिए भारत सबसे बेहतर विकल्प है। देश में उद्यमियों को जमीन मिलने में दिक्कतें आती हैं। अब सिंगल विंडो क्लीयरेंस का रास्ता अपनाया जा रहा है। नई फैक्ट्रियां खुलेंगी तो रोजगार मिलेगा और गरीबी दूर होगी। इंफ्रा में पहले ऐसा काम कभी नहीं हुआ। भारत के मध्यम वर्ग का आकार बढ़ रहा है।
भारत पर मंदी का असर कम होगा
ग्लोबल मंदी का भारत पर कितना असर? इसका जवाब देते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि दुनिया में महंगाई से मुश्किलें बढ़ीं हैं। भारत पर मंदी का असर कम होगा। डॉलर में मजबूती के साथ ही ट्रेड के दूसरे विकल्प तलाशे जा रहे हैं। अपनी करेंसी के जरिए देशों के बीच ट्रेड बढ़ रहा है। ग्लोबल चुनौतियों के बीच भारत स्वीट स्पॉट बना हुआ है। अमेरिका पर मंदी का सीमित असर होगा। चीन अपना रवैया बदल रहा है, इकोनॉमी में रिकवरी संभव है। मेटल और कमोडिटी की कीमतों लेकर चिंता नहीं है। अनिल अग्रवाल का कहना है कि रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध बंद होना चाहिए।
मैन्युफैक्चरिंग में रोजगार के सबसे ज्यादा मौके होंगे
Q4 रोजगार के मौके कहां मिलेंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग में रोजगार के सबसे ज्यादा मौके होंगे। इंपोर्ट पर खर्च होता है। इसके रोकने के लिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलना चाहिए। ऐसी कोई चीज नहीं जो भारत नहीं बना सकता है। टूरिज्म और इंफ्रा में भी रोजगार के बहुत मौके हैं। विनिवेश से रोजगार बढ़ेगा। PSU के विनिवेश से नौकरियां 3 गुना बढ़ेंगी। भारत में कई दिग्गज डिफेंस कंपनियां हैं। डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की क्षमता है। निवेश के लिए राज्य अपने स्तर पर पहल कर रहे हैं। भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम कमाल का है। भारत के UPI पेमेंट सिस्टम से US भी हैरान है।