वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को से वित्त वर्ष 2021-22 में हुई किसी भी बचत राशि (Savings) को 21 मार्च तक सौंप देने को कहा है। वित्त मंत्रालय के बजट डिविजन (Budget Divison) की तरफ से सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को भेजे गए एक ऑफिस मेमोरंडम ( Office Memorandum) में यह बात कही गई है।
मेमोरंडम में कहा गया कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए मंत्रालयों और विभागों को जो राशि आवंटित हुई थी, उसमें से अगर कोई भी राशि बची है तो उसे सरकार को वापस सौंप दें। मेमोरंडम में कहा गया है कि यह राशि बजट डिविजन के पास 21 मार्च तक जमा करा दिया जाए।
नियमों के मुताबिक, वित्त वर्ष के लिए आवंटित राशि का अगर इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो वित्त वर्ष की अंतिम तारीख 31 मार्च के बाद इसके इस्तेमाल की अवधि समाप्त हो जाती है। इसकी वजह यह है कि एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष का बजट लागू हो जाता है।
सरकार के रेवेन्यू कलेक्शन में गिरावट होने की स्थिति में यह बचत राशि एक तरह का राहत प्रदाकर करती है। इस वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए जुटाई जाने वाली रकम के उम्मीद से कम रहने की बात कही जा रही है। ऐसे में सरकारी विभागों के लिए यह बचत काफी अहम हो सकती है।
सरकार ने LIC में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री के जरिए 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने की उम्मीद लगाई हुई है। हालांकि यूक्रेन संकट गहराने से एलआईसी के आईपीओ के मार्च में आ पाने को लेकर असमंजस पैदा हो गया है।