Windfall Tax Hike: केंद्र सरकार ने आज घरेलू तेल कंपनियों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाले अप्रत्याशित लाभ पर टैक्स (विंडफाल टैक्स) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर भी शुल्क को बढ़ा दिया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन के जरिए इस बढ़ोतरी की जानकारी दी है। विंडफाल टैक्स एक जुलाई को सरकार ने पहली बार लाया था और इसे विदेशी बाजारों में रिफाइंड क्रूड की बिक्री के जरिए हुए बड़े मुनाफे पर चार्ज किया जाता है। यह एक तरह से स्पेशल एडीशनल एक्साइज ड्यूटी है।
बढ़ोतरी के बाद अब कितनी हो जाएगी दरें
केंद्र सरकार के फैसले के बाद अब डीजल के निर्यात पर लगने वाला अप्रत्याशित लाभ कर 12 रुपये प्रति लीटर हो गया है जबकि एटीएफ पर अब शून्य की बजाय 3.50 रुपये प्रति लीटर टैक्स लगेगा। वहीं घरेलू स्तर पर निकाले गए कच्चे तेल पर शुल्क को 3,000 रुपये तक बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। नई दरें रविवार से लागू हो जाएंगी।
विंडफाल टैक्स का हर दो हफ्ते में रिव्यू किया जाता है। इसके पहले लगातार दो पखवाड़ों में विंडफाल टैक्स में कटौती की गई थी लेकिन वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हाल में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए इस बार कच्चे तेल, डीजल और एटीएफ पर शुल्क बढ़ाने का फैसला किया गया। सरकार के इस फैसले का सरकारी और निजी दोनों कैटेगरी की कंपनियों पर पड़ेगा।
निजी सेक्टर की रिफाइनरी कंपनियां रिलायंस और नायरा एनर्जी डीजल और एटीएफ के प्रमुख निर्यातकों में शामिल हैं जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी एवं निजी क्षेत्र की वेदांता घरेलू स्तर पर कच्चे तेल का उत्पादन करती हैं।