केंद्र सरकार वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) को लेकर एक व्यापक नियम-कानून बनाने की तैयारी कर रही है, जो घर से काम करे कर्मचारियों के प्रति कंपनियों की जिम्मेदारी को तय करेगा।
केंद्र सरकार वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) को लेकर एक व्यापक नियम-कानून बनाने की तैयारी कर रही है, जो घर से काम करे कर्मचारियों के प्रति कंपनियों की जिम्मेदारी को तय करेगा।
कोरोना महामारी के दौरान कंपनियों ने अपने कर्माचरियों को कोरोना की चपेट में आने से बचाने के लिए अधिकतर कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल अपनाया। शुरुआत में इसे एक अस्थायी उपाय के रूप में देखा गया, लेकिन अब यह काम करने का नया मॉडल बन गया है। ऐसे में सरकार इस नए वर्किंग मॉडल को लेकर एक कानूनी ढांचा बनाना चाहती है।
अंग्रेजी अखबार इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है उनमें कर्मचारियों के लिए काम के घंटे (Working Hours) तय करना और घर से काम करने के दौरान अतिरिक्त खर्च होने वाले बिजली और इंटरनेट के लिए कर्मचारियों को भुगतान करना शामिल है। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया कि आने वाले समय में वर्क फ्रॉम होम काफी सामान्य बात हो जाएगी। ऐसे में सरकार के स्तर पर वर्क फ्रॉम होम को रेगुलेट करने के तरीके तय करने के लिए चर्चा शुरू हो गई है।
अधिकारी ने बताया, "इस काम में एक कंसल्टेंसी फर्म को भी शामिल किया गया है।" इससे पहले सरकार ने जनवरी में एक स्टैंडिंग ऑर्डर के जरिए सर्विस सेक्टर में "वर्क फ्रॉम होम" को औपचारिक रूप दिया था, जिसके तहत कंपनी और कर्मचारी आपसे में मिलकर काम के घंटे और दूसरी चीजें तय कर सकते हैं। हालांकि सरकार के इस कदम को सिर्फ एक सांकेतिक अभ्यास के तौर पर देखा गया था, क्योंकि IT और ITeS सहित सर्विस सेक्टर की तमाम कंपनियां पहले से ही अपने कर्मचारियों को विशेष परिस्थितियों के तहत 'वर्क फ्रॉम होम' देती रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि हालांकि अब सरकार सभी सेक्टर्स में 'वर्क फ्रॉम होम' को लेकर व्यापक औपचारिक ढांचा तय करना चाहती है। बता दें कि भारत के अलावा इस समय दुनिया के तमाम देशों में भी 'वर्क फ्रॉम होम' को लेकर नियम-कानून बनाए जा रहे हैं। हाल ही में पुर्तगाल की संसद ने 'वर्क फ्रॉम होम' को लेकर एक कानून पास किया है, जिसके तहत कोई कंपनी अपने कर्मचारी को उसकी शिफ्ट खत्म होने के बाद कॉल या मैसेज नहीं कर सकती है। ऐसा करने पर कंपनी पर जुर्माने का प्रावधान है।
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