केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर से मैन्युफैक्चरिंग, खनन और कृषि जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले असंगठित मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी महंगाई से निपटने में मजदूरों की मदद करेगी। औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 2.40 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। संशोधन के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी 783 रुपये प्रतिदिन (20,358 रुपये प्रति महीना) होगी।
