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भारत और EFTA के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा

India-EFTA Trade Deal: EFTA देश, यूरोपीय संघ का हिस्सा नहीं हैं। यह मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक अंतर-सरकारी संगठन है। भारत-EFTA का द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2022-23 में 18.65 अरब डॉलर रहा था। EFTA देशों में स्विट्जरलैंड, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। भारत यूरोपीय संघ के साथ अलग से मुक्त व्यापार करार के लिए बातचीत कर रहा है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 10, 2024 पर 1:44 PM
भारत और EFTA के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा
EFTA के सदस्य देशों में आइसलैंड, लीशटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।

India-EFTA Trade Deal: भारत और 4 देशों के यूरोपीय समूह EFTA ने 10 मार्च को एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता निवेश, और सामान व सर्विसेज के दोतरफा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। EFTA के सदस्य देशों में आइसलैंड, लीशटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। मुक्त व्यापार समझौते के तहत दो व्यापारिक साझेदार, सेवाओं और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मानदंडों को आसान बनाने के साथ-साथ, उनके बीच ट्रेड की जाने वाली चीजों में से ज्यादातर पर सीमा शुल्क को काफी कम या खत्म कर देते हैं।

एफटीए समझौते में 14 चैप्टर हैं। इनमें माल में व्यापार, माल के ओरिजिन के नियम, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPRs), सर्विसेज में व्यापार, निवेश प्रोत्साहन और सहयोग, सरकारी खरीद, व्यापार में तकनीकी बाधाएं और व्यापार सुविधा शामिल हैं।

इन सेक्टर्स के लिए बड़ा मौका

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि EFTA देशों ने भारत में अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह निवेश प्रतिबद्धता फार्मा, मेडिकल डिवाइस, फूड सेक्टर्स के लिए एक बड़ा मौका है। यह एक मॉडर्न ट्रेड एग्रीमेंट है, जो कि निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित है। यह समझौते में शामिल सभी देशों के लिए फायदे का सौदा है।

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