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चीन के साथ रिश्ते खराब होने के बावजूद भारत व्यापार नहीं रोक पा रहा है, जानिए क्या है मजबूरी

इंडिया और चीन के आर्थिक संबंध जून 2017 से अच्छे नहीं हैं। तब सिक्किम की नथांग घाटी और भूटान सीमा पर सड़क का विस्तार करने की चीन की कोशिशों का इंडिया ने विरोध किया था। फिर, दोनों देशों की सेनाओं में टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 01, 2022 पर 1:41 PM
चीन के साथ रिश्ते खराब होने के बावजूद भारत व्यापार नहीं रोक पा रहा है, जानिए क्या है मजबूरी
चीन से इंडिया का इंपोर्ट फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में 94 अरब डॉलर के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।

इंडिया में चीन से इनवेस्टमेंट और इंपोर्ट को कंट्रोल करने के लिए भले ही कोशिशें जारी हैं, लेकिन इस बारे में सरकार की तरफ से कोई व्यापक योजना नहीं बनाई गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। अभी दोनों ही देश सीमा पर तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

इंडिया और चीन के आर्थिक संबंध जून 2017 से अच्छे नहीं हैं। तब सिक्किम की नथांग घाटी और भूटान सीमा पर सड़क का विस्तार करने की चीन की कोशिशों का इंडिया ने विरोध किया था। फिर, दोनों देशों की सेनाओं में टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। फिर, साल 2000 में सिक्किम और लद्दाख की पैंगोंग और गलवां घाटी में बगैर उकसावे के चीनी सैनिकों के हमले के बाद दोनों देशों के बीच सभी द्विपक्षीय बातचीत टूट गई थी।

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तब से सरकार ने चीन से होने वाले इनवेस्टमेंट पर शिकंजा कसना शुरू किया था। सरकार ने इंडिया में चीन की कंपनियों के अनैतिक व्यापार के तरीकों पर भी कार्रवाई की है। चीन की मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनी ओप्पो के खिलाफ की गई कार्रवाई इसका उदाहरण है।

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