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नीदरलैंड ने 11वीं सदी के भारत की ये बेशकीमती चीज PM मोदी को लौटाई, सैकड़ों साल पहले डच ले गए थे इसे

चोल काल की इन दुर्लभ तांबे की प्लेटों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान भारत को लौटाया गया। नीदरलैंड्स में इन प्लेटों को “लीडेन प्लेट्स” के नाम से जाना जाता है। ये चोल राजवंश से जुड़े सबसे अहम ऐतिहासिक अभिलेखों में शामिल हैं। ये तांबे की प्लेटें एक सौ साल से ज्यादा समय तक डच प्रशासन के पास रहीं और लीडेन विश्वविद्यालय में सुरक्षित रखी गई थीं।

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड May 16, 2026 पर 3:27 PM
नीदरलैंड ने 11वीं सदी के भारत की ये बेशकीमती चीज PM मोदी को लौटाई, सैकड़ों साल पहले डच ले गए थे इसे
पीएम मोदी अपनी 5 दिन की यात्रा के दूसरे पड़ाव पर नीदरलैंड पहुंच चुके हैं।

पीएम मोदी अपनी 5 दिन की यात्रा के दूसरे पड़ाव पर नीदरलैंड पहुंच चुके हैं। नीदरलैंड पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह दौरा भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। वहीं पीएम मोदी के इस दौरे पर नीदरलैंड ने भारत को एक खास तोहफा दिया है। नीदरलैंड की सरकार ने चोल राजवंश के बहुत कीमती और ऐतिहासिक ताम्रपत्र (तांबे की प्लेट्स) भारत को वापस सौंप दिए हैं। बता दें कि, इसे औपनिवेशिक दौर में विदेश ले जाई गई भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

नीदरलैंड ने लौटाई भारत की ये बेशकीमती चीज 

बता दें कि, चोल काल की इन दुर्लभ तांबे की प्लेटों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान भारत को लौटाया गया। नीदरलैंड्स में इन प्लेटों को “लीडेन प्लेट्स” के नाम से जाना जाता है। ये चोल राजवंश से जुड़े सबसे अहम ऐतिहासिक अभिलेखों में शामिल हैं। ये तांबे की प्लेटें एक सौ साल से ज्यादा समय तक डच प्रशासन के पास रहीं और लीडेन विश्वविद्यालय में सुरक्षित रखी गई थीं। इन ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी भारत सरकार, डच सरकार और लीडेन विश्वविद्यालय के बीच कई वर्षों तक चली बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के बाद संभव हो सकी।

चोल वंश से जुड़ा है ये ताम्रपत्र 

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