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शेयरों में ट्रेडिंग शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं? पहले इन खर्चों के बारे में जान लीजिए

ट्रेडिंग में कई तरह के चार्जेज होते हैं, जो शुरू में दिखते नहीं हैं। इनमें कुछ फिक्स्ड चार्जेज होते हैं तो कुछ चार्जेज पर्सेंटेज पर आधारित होते हैं। स्टॉक ट्रेडिंग शुरू करने से पहले इन चार्जेज के बारे में ठीक तरह से जान लेना जरूरी है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड May 16, 2026 पर 6:38 PM
शेयरों में ट्रेडिंग शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं? पहले इन खर्चों के बारे में जान लीजिए
हर ट्रेड पर टैक्स लगता है। इनमें सबसे अहम टैक्स सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) है।

कई लोगों को इनवेस्टमेंट से ज्यादा फायदा ट्रेडिंग में दिखता है। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्मों का जीरो ब्रोकरेज या 20 रुपये फ्लैट फीस का दावा है। इनवेस्टर्स को लगता है कि ऑर्डर प्लेस करने में सिर्फ कुछ सेकेंड्स का समय लगता है। सच यह है कि ट्रेडिंग में कई तरह के चार्जेज होते हैं, जो शुरू में दिखते नहीं हैं। इनमें कुछ फिक्स्ड चार्जेज होते हैं तो कुछ चार्जेज पर्सेंटेज पर आधारित होते हैं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

चार्जेज का सीधा असर रिटर्न पर पड़ता है

सबसे पहले आपको यह समझने की जरूरत है कि चार्जेज का सीधा असर आपके रिटर्न पर पड़ता है। चार्जेज जितना ज्यादा होंगे, आपका रिटर्न उतना कम होगा। कई लोगों को लगता है कि ट्रेडिंग में सिर्फ ब्रोकरेज चार्ज होता है। इसकी वजह यह है कि ब्रोकरेज फर्में विज्ञापन में इस चार्ज के बारे में ही बताते हैं।

ब्रोकरेज फीस ट्रेडिंग चार्जे का सिर्फ एक हिस्सा

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