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Rice Export Ban: चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी? नोमुरा ने इस कारण जताई भाव उछलने की आशंका

Rice Export Ban: भारत अगर चावल निर्यात पर बैन का फैसला करता है तो इसके असर का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि वैश्विक चावल निर्यात का करीब 40 फीसदी भारत से होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 31, 2022 पर 2:19 PM
Rice Export Ban: चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी? नोमुरा ने इस कारण जताई भाव उछलने की आशंका
इस साल गेहूं का भी उत्पादन प्रभावित हुआ था जिसके चलते चावल की खपत पर इस बार असर दिख सकता है और आने वाले समय में यह महंगा हो सकता है।

Rice Export Ban: मानसून की खराब चाल के चलते इस साल भारत में धान की खेती प्रभावित हुई है और धान के रकबे में गिरावट आई है। भारत दुनिया में चावल का सबसे बड़ा निर्यातक है यानी कि यहां अगर धान की खेती प्रभावित होती है तो इसका असर पूरी दुनिया पर दिख सकता है। नोमुरा ने 30 अगस्त को आशंका जताई है कि इस सत्र में धान के रकबे में गिरावट के चलते भारत चावल का निर्यात रोक सकता है। भारत अगर ऐसा फैसला करता है तो इसके असर का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि वैश्विक चावल निर्यात का करीब 40 फीसदी भारत से होता है। गेहूं का भी उत्पादन इस साल प्रभावित हुआ था जिसके चलते चावल की खपत पर इस बार असर दिख सकता है और आने वाले समय में यह महंगा हो सकता है।

टुकड़ा चावल के निर्यात पर बैन की तैयारी

नोमुरा की मुख्य अर्थशास्त्री सोनल वर्मा (जापान को छोड़कर भारत व एशिया के लिए) का कहना है रूस और यूक्रेन की लड़ाई के चलते मक्के के भाव चढ़ गए। इस वजह से लोगों ने टूटे चावल को पशुओं को चारे के रूप में खिलाना शुरू कर दिया जिसके चलते मीट प्राइस में तेजी आई। अब इस मानसून सत्र में भारत में चावल की उत्पादन कम होने के आसार दिख रहे हैं। नोमुरा ने ब्लूमबर्ग की 26 अगस्त की रिपोर्ट का एक हवाला भी दिया जिसमें सरकार टूटे चावल के निर्यात पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है और इसके लिए बातचीत एडवांस्ड स्टेज में पहुंच चुकी है।

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