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क्या वाकई इंडिया पर 620 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चिंता की बात है?

RBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल मार्च के अंत में इंडिया पर विदेशी कर्ज बढ़कर 620.7 अरब डॉलर हो गया। यह पिछले साल मार्च के मुकाबले 47.1 अरब डॉलर ज्यादा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 12, 2022 पर 4:59 PM
क्या वाकई इंडिया पर 620 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चिंता की बात है?
इस साल मार्च में इंडिया के कुल विदेशी कर्ज में डॉलर वाले कर्ज की हिस्सेदारी 53.2 फीसदी थी।

RBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल मार्च के अंत में इंडिया पर विदेशी कर्ज बढ़कर 620.7 अरब डॉलर हो गया। यह पिछले साल मार्च के मुकाबले 47.1 अरब डॉलर ज्यादा है। इसके बाद विदेशी कर्ज को लेकर बहस शुरू हो गई। दरअसल, श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट की एक बड़ी वजह उस पर बड़ा विदेशी कर्ज है।

मीडिया की खबर के मुताबिक, सरकार ने स्थिति साफ की है। एक सूत्र ने बताया है कि केंद्र सरकार पर विदेशी कर्ज को लेकर चल रही अटकलें निराधार हैं। बताया गया है कि इंडिया पर 620 अरब डॉलर के कर्ज में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी सिर्फ 130.8 अरब डॉलर है। यह कुल कर्ज का सिर्फ 21 फीसदी है। इसमें स्पेशनल ड्रॉविंग राइट (SDR) एलोकेशन भी शामिल है।

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आरबीआई के मुताबिक, इस साल मार्च के अंत में विदेशी कर्ज और जीडीपी का अनुपात घटकर 19.9 फीसदी पर आ गया। यह पिछले साल मार्च में 21.2 फीसदी था। इंडिया को एक साल के अंदर 267.7 अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी सिर्फ 7.7 अरब डॉलर है। यह कुल देनदारी के 3 फीसदी से कम है।

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