बाजार के टॉप स्तर से पिछले कुछ दिनों की लगातार गिरावट या उतार-चढ़ाव के बाद इस हफ्ते मंगलवार और बुधवार को बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली। आज वीकली एक्सपायरी के चलते शुरुआती घंटों में बाजार में थोड़ी नरमी देखने को मिली लेकिन अंतिम सत्र में निफ्टी में अच्छा परफॉर्म किया है और बाजार बंद होने के समय निफ्टी 17500 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा। दो दिनों की तेजी के बाद आज कोटक एएमसी के प्रबंध निदेशक और सीईओ नीलेश शाह (NILESH SHAH, MD & CEO, KOTAK AMC के ) ने सीएनबीसी-आवाज़ से एक्स्क्लूसिव बातचीत की और बाजार में निवेश के मौके बताए।
नीलेश शाह ने कहा कि निफ्टी में इस समय दो दिनों से तेजी से लेकिन अभी ये कहना है मुश्किल है इसका करेक्शन दौर खत्म हुआ है या नहीं। हमारा मानना है आने वाले दिनों में भी बाजार में उतार-चढ़ाव नजर आयेगा। रही बात बाजार में करेक्शन के दौर के समाप्त होने की बात तो यह निवेशक के टाइम होराइजन पर निर्भर करता है।
लॉन्ग इंडिया और शॉर्ट चाइना की रणनीति काम कर रही है
बाजार में इस समय बड़े-बड़े एक्सपर्ट और ब्रोकरेज हाउसेज ने लॉन्ग इंडिया और शॉर्ट चाइना की रणनीति अपनाई है और इस लिहाज से एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को सलाह भी दी है। भारतीय बाजारों ने भी इस दौरान अच्छा परफॉर्म किया है और इसमें तेजी आई लिहाजा एफआईआई की तरफ से प्रॉफिट बुकिंग तो आनी ही थी लेकिन इसके बाद भारतीय बाजार फिर से अच्छा परफॉर्म करते हुए नजर आयेंगे।
Omicron से बाजार में दुविधा
नये वैरिएंट omicron बहुत ज्यादा घातक नहीं है ऐसा लोगों को लगने लगा है। लोगों का मानना है कि ये कोरोना का काफी माइल्ड वर्जन है जो ज्यादा गंभीर नहीं है लेकिन एक्सपर्ट की तरफ से इस पर अभी कोई फाइनल स्टेटमेंट नहीं आया है लिहाजा omicron पर बाजार में दुविधा बनी हुई है।
बीजिंग ओलिंपिक के बाद बंद इंडस्ट्री पर चीन के फैसले का इंतजार
इसके अलावा चीन द्वारा फरवरी में आयोजित होने वाले बीजिंग ओलिंपिक के चलते एयर क्वालिटी सुधारने के लिए चीन ने स्थानीय स्तर पर कई इंडस्ट्री पर पहले ही बंद कर दी है। जिसके चलते सप्लाई में दिक्कतें खड़ी हुई हैं और कमोडिटी पर इसका असर भी देखने को मिला है। ओलिंपिक के बाद चीन क्या फैसला लेता है इस पर बाजार का चाल निर्भर करेगी इसलिए बाजार में फिलहाल इन तीनों कारणों से चिंता बनी हुई है।
करेक्शन में हैं खरीदारी के मौके
नीलेश शाह ने आगे कहा कि फिर भी बाजार का मौजूदा करेक्शन में एक साल के नजरिए से खरीदारी का समय है। इसके आगे बाजार में उतार-चढ़ाव कायम रहने की आशंका भी है। हालांकि निवेशकों को इस करेक्शन में अच्छी कंपनी में निवेश करना चाहिए क्योंकि अच्छी कंपनी में निवेश से बेहतर रिटर्न की संभावना है।
उन्होंने आगे कहा कि सेक्टर की बात करें तो फिलहाल करेक्शन पर FMCG सेक्टर के शेयरों में खरीदारी के मौके बनेंगे। वहीं टेलीकॉम में कॉनसॉलिडेशन पूरा होता हुआ नजर आ रहा है। इसमेंअब सामान्य ग्रोथ संभव है।
ना ज्यादा सस्ती ना ज्यादा महंगी कंपनी पर फोकस
कोटक एएमसी में सस्ती या महंगी कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं इसके जवाब में नीलेश शाह ने कहा कि वे अपने यहां ना ज्यादा सस्ती ना ज्यादा महंगी कंपनी पर फोकस करते हैं बल्कि मध्यम PE वाली कंपनियों पर फोकस करते हैं। जिससे स्थायी फायदा होने की संभावना रहती है। वहीं इस समय हो रहे हैं कई सुधारों से रियल्टी सेक्टर में ग्रोथ बढेगी लिहाजा रियल्टी सेक्टर के अच्छे और चुनिंदा स्टॉक्स में निवेश किया जा सकता है।