सरकार टेलीकॉम सेक्टर में नए रिफॉर्म करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार सभी पक्षों से उनके विचार जानने की भी कोशिश कर रही है। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम सेक्टर में किए जाने वाले सुधारों पर कंसल्टेशन पेपर जारी करके सभी पक्षों की राय मांगी है। जिसके बाद सरकार द्वारा नये रिफॉर्म पर फैसला लिये जाने की खबर है। इस खबर पर ज्यादा डिटेल सीएनबीसी-आवाज़ के एसोसिएट एडिटर असीम मनचंदा ने दी।
असीम मनचंदा ने इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए कहा कि टेलीकॉम सेक्टर में सरकार नये सुधार लाने की कोशिश कर रही है। सरकार का मानना है कि इस सेक्टर के लिए मौजूदा कानून काफी पुराने हैं। इसे अब नई टेक्नोलॉजी और टाइम के हिसाब बदलने की जरूरत महसूस हो रही है। इससे कंपनियों और सरकार दोनों के लिए आसानी होगी।
असीम ने आगे कहा कि सरकार ने कंसल्टेशन पेपर जारी करते हुए मुख्य रूप से चार-पांच मुद्दों पर टेलीकॉम कंपनियों से राय मंगाई है। उसमें से प्रमुख रूप से सरकार ने कंपनियों पर लगाई जाने वाली पेनाल्टी कैसे कम की जा सकती है इस पर उनके विचार जानने की कोशिश की है। इसके अलावा मर्जर को बढ़ावा देने के लिए मर्जर-अधिग्रहण के नियम आसान करने पर भी कंपनियों से राय मांगी हैं।
इसके अलावा सरकार ये जानना चाहती है कि स्पेक्ट्रम का सही इस्तेमाल किस तरह से किया जा सकता है। इस पर भी कंपनियों के विचार जानने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा जो राइट ऑफ वे है उसके नियम आसान बनाए जाने के लिए क्या कदम उठाने की जरूरत है। इस पर भी सरकार कंपनियों की मंशा जानना चाहती है।
असीम मनचंदा ने इस पर और विस्तार से बताते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि अब पब्लिक सेफ्टी, नेशनल सिक्योरिटी के नियम बनाये जाएं। इसके साथ ही कंसल्टेशन पेपर में खुद को दिवालिया घोषित करने के तरीके भी पूछे गये हैं इसकी भी संभावना है। इसके अलावा यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड का सही इस्तेमाल किस तरह से किया जा सकता है इस बारे में भी सरकार कंपनियों और अन्य सभी स्टेकहोल्डर्स के विचार जानना चाहती है।