Paytm Payments Bank ने आईटी ऑडिट के लिए अभी तक नियुक्त नहीं की फर्म, सरकार ने लोकसभा में बताया

RBI ने 11 मार्च को पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नए ग्राहक जोड़ने पर रोक लगा दी थी और अपने आईटी सिस्टम के व्यापक सिस्टम ऑडिट के लिए एक कंपनी को नियुक्त करने का आदेश जारी किया था

अपडेटेड Apr 04, 2022 पर 3:33 PM
Story continues below Advertisement
आरबीआई ने कहा था, पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड अब नए ग्राहकों को आईटी ऑडिटर्स की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद RBI से अनुमति मिलने के बाद ही जोड़ सकेगा

Paytm Payments Bank : पेटीएम पेमेंट बैंक ने अपने इनफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सिस्टम्स के ऑडिट के लिए अभी तक कंपनी की नियुक्ति नहीं की है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को संसद में यह जानकारी दी है।

वित्त राज्य मंत्री भगत कराद ने 4 अप्रैल को लोकसभा में दिए एक लिखित जवाब में कहा, “RBI ने बताया है कि पेटीएम पेमेंट बैंक लि. ने अभी तक बैंक के आईटी सिस्टम के व्यापक सिस्टम ऑडिट कराने के लिए आईटी ऑडिट कंपनी की नियुक्ति नहीं की है।”

RBI ने 11 मार्च को पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर की थी कार्रवाई


RBI ने 11 मार्च को पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नए ग्राहक जोड़ने पर रोक लगा दी थी और अपने आईटी सिस्टम के व्यापक सिस्टम ऑडिट के लिए एक कंपनी नियुक्त करने का आदेश जारी किया था।

Stock Market : HDFC मर्जर सहित इन 4 वजहों से चढ़ा बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी 2% तक मजबूत

सेंट्रल बैंक ने कहा था, “पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड अब नए ग्राहकों को आईटी ऑडिटर्स की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद RBI से अनुमति मिलने के बाद ही जोड़ सकेगा।”

अभी तक नहीं नियुक्त की ऑडिट कंपनी

RBI के आदेश के एक दिन के बाद पेटीएम पेमेंट बैंक ने कहा था कि वह दिशानिर्देशों का पालन करते हुए जरूरी कदम उठा रहा है। हालांकि, लगभग एक महीने के बाद भी उसने ऐसा नहीं किया है।

आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को दिए गए निर्देशों की वजह का उल्लेख नहीं किया। लेकिन ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा कि चीनी कंपनियों को डाटा लीक किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने अपने सालाना निरीक्षण में पाया कि पेटीएम पेमेंट बैंक चीन की एंटिटीज के साथ सूचनाएं साझा कर रहा था जिनकी बैंक में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी है।

HDFC Bank में HDFC के विलय से बैंक के शेयरों पर क्या असर होगा?

हालांकि, पेटीएम के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर विजय शेखर शर्मा ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि रिपोर्ट “पूरी तरह झूठी” और तथ्यों के आधार पर गलत है।

शर्मा ने सीएनबीसी-टीवी18 को बताया था, “यह मानना गलत है कि बैंक चीनी या किसी अन्य विदेशी इकाई को डाटा शेयर कर रहा है।”

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।