प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में सोमवार को कहा कि पीएम शक्ति मिशन (PM Shakti Mission) देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों से निपटने के लिए एक समग्र प्लान है। इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी को अपने बजट भाषण में कई बार 'पीएम गति शक्ति मिशन' का जिक्र किया था। खासकर रेलवे और हाईवे प्रोजेक्ट्स की चर्चा के दौरान इसका इस्तेमाल किया था। क्या आप जानते हैं पीएम गति शक्ति मिशन क्या है, इसका क्या मकसद है, इसकी शुरुआत कब हुई और आपको इससे क्या फायदा होगा? आइए इन सवालों का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने किया था ऐलान
पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान की चर्चा सबसे पहले पिछले साल 15 अगस्त को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण के दौरान इसका जिक्र किया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह योजना लॉन्च की। इस योजना का ताल्लुक भी देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से है। इससे पहले सरकार देश में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन का ऐलान कर चुकी है। इस कड़ी में पीएम गति शक्ति मिशन तीसरी योजना है।
100 लाख करोड़ रुपये की योजना
पीएम गति शक्ति मिशन 100 लाख करोड़ रुपये की योजना है। इसका मकसद इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में रिफॉर्म्स करना है। इसका मकसद अलग-अलग मंत्रालयों के तहत चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तालमेल के साथ उन्हें सही दिशा प्रदान करना है। इस मिशन के तहत सरकार ने 16 मंत्रालयों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया है। इनमें रेलवे, सड़क एवं राजमार्ग, पेट्रोलियम एवं गैस, टेलीकॉम, पावर, शिपिंग और एविएशन जैसे अहम मंत्रालय शामिल हैं।
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर फोकस
पीएम गति शक्ति मिशन के तहत रेलवे, सड़क जैसी अहम परियोजनाओं के बीच तालमेल होने से इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। इससे देशभर में कनेक्टिविटी बढ़ाई जा सकती है। इससे उद्योग, व्यापार के साथ ही आम आदमी को फायदा होगा। लॉजिस्टिक कॉस्ट यानी समानों की ढुलाई पर आने वाली लागत में कमी आएगी। कम समय में गुड्स को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना मुमकिन होगा।
केंद्र सरकार ने गति शक्ति मिशन के तहत 11 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 2 डिफेंस कॉरिडोर बनाने का भी प्लान बनाया है। इसके तहत हर गांव को 4जी नेटवर्क कवरेज के दायरे में लाना, नेशनल हाईवे नेटवर्क का 2 लाख किलोमीटर तक विस्तार, 220 नए एयरपोर्ट्स, हेलीकॉप्टर्स और वाटर एयरोड्रम बनाने का टार्गेट है। सरकार 17,000 किलोमीटर नई गैस पाइपलाइन का नेटवर्क भी बनाना चाहती है।
पीएम गति शक्ति मिशन में मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी पर खास जोर दिया जा रहा है। इससे लोगों को एक जगह से दूसरे जगह जाने और आने के लिए अलग-अलग तरह के ट्रांसपोर्ट का विकल्प मिलेगा। भौगोलिक स्थिति और वातावरण को ध्यान में रख मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है। इसका मतलब है कि जहां मेट्रो रेल का इस्तेमाल व्यावहारिक है, वहां उस पर फोकस किया जा रहा है।
जिस इलाके में रोड कनेक्टिविटी को उन्नत बनाने की जरूरत है, वहा रोड प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जा रहा है। इसी तरह जहां रेलवे सबसे फायदेमंद विकल्प है, वहां रेल सुविधाओं को उन्नत बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। जहां समुद्र के रास्ते ट्रांसपोर्टेशन बढ़ाने की संभावना है वहां बंदरगाह पर फोकस किया जा रहा है।