गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) अथॉरिटीज की 1.25 लाख कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच जारी रहने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि अथॉरिटीज टैक्स चोरी के मामलों पर अंकुश लगाना चाहती है। सरकार के एक सीनियर अधिकारीन ने 15 सितंबर को मनीकंट्रोल को इस बारे में बताया। ये जांच फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़ी हैं। ITC के तहत जीसीटी टैक्सपेयर्स को प्रोडक्शन में इस्तेमाल किए गए इनपुट्स (कच्चे माल) पर चुकाए गए टैक्स पर क्रेडिट क्लेम करने की इजाजत है। कई कंपनियां फर्जी इनवायसिंग के जरिए इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करती हैं। इसका मतलब यह है कि वे गुड्स और सर्विसेज की असल में सप्लाई नहीं होने के बावजूद वे फर्जी इनवायस के जरिए टैक्स पर क्रेडिट क्लेम करती हैं। इससे सरकार के रेवेन्यू को नुकसान होता है।
