Yatra Online ने पेश किया 775 करोड़ का आईपीओ, क्या आपको निवेश करना चाहिए?

यात्रा सबसे बड़ी कॉर्पोरेट सर्विस प्रोवाइडर है। यह इंडिया में तीसरी सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रेवल एजेंट (OTA) हैं। इसका 775 करोड़ का आईपीओ सही समय पर आया है। IPO से मिले पैसे का बड़ा हिस्सा (602 करोड़ रुपये) कंपनी के पास आएगा। इसका इस्तेमाल वह विलय एवं अधिग्रहण, टेक्नोलॉजी, कस्टमर एक्विजिशन आदि पर करेगी। FY17 और FY23 के बीच इस इंडस्ट्री का ग्रोथ रेट 6-8 फीसदी रहा है। अगले पांच साल में इसके 9-11 फीसदी रहने की उम्मीद है

अपडेटेड Sep 15, 2023 पर 4:58 PM
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अगले पांच साल में कॉर्पोरेट ट्रेवल की ऑनलाइन पहुंच दोगुना हो जाने की उम्मीद है। इसका सीएजीआर 14-15 फीसदी रह सकता है, जो इंडस्ट्री के मुकाबले दोगुना होगा। B2B स्पेस में यात्रा की लीडरशिप पॉजिशन है।

Yatra Online का आईपीओ ऐसे वक्त आया है, जब दुनियाभर में ट्रेवल और टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियां चरम पर हैं। यात्रा सबसे बड़ी कॉर्पोरेट सर्विस प्रोवाइडर है। यह इंडिया में तीसरी सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रेवल एजेंट (OTA) हैं। इसका 775 करोड़ का आईपीओ सही समय पर आया है। IPO से मिले पैसे का बड़ा हिस्सा (602 करोड़ रुपये) कंपनी के पास आएगा। इसका इस्तेमाल वह विलय एवं अधिग्रहण, टेक्नोलॉजी, कस्टमर एक्विजिशन आदि पर करेगी। FY17 और FY23 के बीच इस इंडस्ट्री का ग्रोथ रेट 6-8 फीसदी रहा है। अगले पांच साल में इसके 9-11 फीसदी रहने की उम्मीद है। इंटरनेट और स्मॉर्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल से ट्रेवल इंडस्ट्री की ऑनलाइन पहुंच FY28 तक 75 फीसदी पहुंच जाने की उम्मीद है। अभी यह 68 फीसदी है।

ट्रेवल इंडस्ट्री की ऑनलाइन पहुंच बढ़ने की उम्मीद

अगले पांच साल में कॉर्पोरेट ट्रेवल की ऑनलाइन पहुंच दोगुना हो जाने की उम्मीद है। इसका सीएजीआर 14-15 फीसदी रह सकता है, जो इंडस्ट्री के मुकाबले दोगुना होगा। B2B स्पेस में यात्रा की लीडरशिप पॉजिशन है। आने वाले दिनों में इसकी टेक्नोलॉजी आधारित ऑफरिंग में मजबूती आने की उम्मीद है। कंपनी का करीब 40 फीसदी रेवेन्यू B2B से आता है, जिस पर कोरोना की महामारी के दौरान काफी मार पड़ी थी। बिजनेस ट्रेवल शुरू होने से यह बिजनेस तेजी से पटरी पर लौट रहा है।


बढ़ती प्रतियोगिता का असर मार्जिन पर पड़ सकता है

यात्रा की यील्ड उतनी ज्यादा नहीं रही है, जितनी MakeMy Trip की है। यात्रा का एयर टिकट मार्जिन करीब 7.7 फीसदी पर बना हुआ है। होटल्स एंड पैकेजेज मार्जिन करीब 13 फीसदी रहा है। FY23 में यात्रा का ब्लेंडेड EBITDA मार्जिन 9.6 फीसदी रहा है, जबिक EaseMy Trip का 39 फीसदी है। हालांकि, यात्रा के लिए ग्रोथ एक चैलेंज नहीं है, लेकिन प्रतियोगित बढ़ने से इसके लिए कंपनी को मार्जिन में कमी के लिए तैयार रहना होगा। इस इंडस्ट्री में प्रतियोगिता लगातार बढ़ रही है। अदाणी ग्रुप के भी इस इंडस्ट्री में दाखिल होने की खबर है। एमेजॉन और ONDC जैसे एग्रीगेटर्स भी कंपनी के लिए चैलेंज पैदा कर सकते हैं।

yatra highlights

पिछले पांच साल में कमजोर प्रदर्शन

इस इश्यू का प्राइस FY23 के ट्रेलिंग प्राइस टू सेल्स का 5.8 गुना है। EasyMy Trip के मुकाबले यह काफी ज्यादा डिस्काउंट है। लेकिन, दोनों कंपनियं की तुलना नहीं की जा सकती। ईजमाय ट्रिप लगातार प्रॉफिट बनाती आई है, जबकि कोरोना की महामारी के दौरान यात्रा के रेवेन्यू पर काफी मार पड़ी। FY23 में इसका प्रॉपिट नाममात्र का रहा। Trip.com और Bookings.com जैसे ग्लोबल प्लेयर्स की वैल्यूएशन यात्रा जितनी है, लेकिन उनका ऑपरेटिंग मार्जिन प्रोफाइल काफी बेहतर है।

trailing price to sales

पेरेंट कंपनी से ज्यादा वैल्यूएशन

यात्रा के इश्यू में शेयरों का प्राइस बैंड 135-142 रुपये है। प्रमोटर्स इस इश्यू में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेंगे। पिछले दिसंबर में प्रमोटर्स को 236 रुपये की कीमत पर प्लेसमेंट हुआ था। यात्रा की होल्डिंग कंपनी Yatra Online Inc है जो नैस्डेक पर लिस्टेड है। इसका मार्केट कैप 1,361 करोड़ रुपये है। यह इस आईपीओ की वैल्यूएशन के मुकाबले 40 फीसदी कम है। यात्रा का प्रदर्शन पिछले 5 साल में अच्छा नहीं रहा है। इसलिए इसके आईपीओ में पैसे लगाना समझदारी नहीं है।

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