Consumer Price Index : भारत की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) फरवरी महीने में मामूली गिरावट के साथ 6.44 फीसदी पर आ गई है। इसके पहले जनवरी में खुदरा महंगाई दर तीन महीने के उच्चतम स्तर 6.52 फीसदी पर पहुंच गई थी। इसका मतलब है कि खुदरा महंगाई में महज 8 बेसिस प्वाइंट की गिरावट आई है। खाने-पीने के सामान और ईंधन की कीमतों में नरमी के बीच यह गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, यह लगातार दूसरा महीना है जब महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय संतोषजनक दायरे से ऊपर बनी हुई है। ये आंकड़े आज सोमवार को सरकार ने जारी किए हैं।
RBI के तय दायरे से अब भी ऊपर
महंगाई का स्तर अब भी आरबीआई के तय दायरे से ऊपर बनी हुई है। नवंबर और दिसंबर, 2022 को छोड़कर खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी, 2022 के बाद से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संतोषजक दायरे की ऊपरी सीमा छह प्रतिशत से ऊपर रही है। बता दें कि इसके पहले दिसंबर में भारत की सीपीआई मुद्रास्फीति 5.72 फीसदी थी। वहीं, नवंबर में यह 5.88 प्रतिशत पर थी। भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति पर विचार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है।
केंद्रीय बैंक को मुद्रास्फीति दो फीसदी घट-बढ़ के साथ चार फीसदी पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। आरबीआई ने 2022-23 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। आरबीआई बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए पिछले साल मई से अब तक नीतिगत में 2.5 प्रतिशत वृद्धि कर चुका है।
फूड इन्फ्लेशन में भी मामूली कमी
फूड इन्फ्लेशन जनवरी में 6 फीसदी से फरवरी में थोड़ी कम होकर 5.95 फीसदी हो गई है। फूड इन्फ्लेशन में आई इस कमी की प्रमुख वजह अंडे, सब्जियां, खाद्य तेल और मांस और मछली रहे। इस दौरान, सब्जियों की महंगाई माइनस 11.61 फीसदी, फ्यूल एंड लाइट इंफ्लेशन रेट 9.90 फीसदी, हाउसिंग रेंट महंगाई 4.83 फीसदी, क्लोदिंग एंड फुटवियर सेगमेंट की महंगाई 8.79 फीसदी रही। इसके अलावा, दाल की महंगाई दर 4.09 फीसदी रही।