Retail inflation: अगस्त में खुदरा महंगाई 3.65% पर, लगातार दूसरे महीने 4% से कम

Retail Inflation in August: खाने-पीने की चीजों की महंगाई अगस्त महीने में मामूली बढ़कर 5.66 फीसदी रही, जबकि जुलाई में यह 5.42 फीसदी थी। अगस्त महीने के महंगाई के आंकड़े अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 फीसदी के लक्ष्य के दायरे में है

अपडेटेड Sep 12, 2024 पर 6:44 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
अगस्त महीने में भारत की खुदरा महंगाई थोड़ी बढ़कर 3.65 फीसदी हो गई है।

Retail Inflation: अगस्त महीने में भारत की खुदरा महंगाई थोड़ी बढ़कर 3.65 फीसदी हो गई है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित रिटेल इन्फ्लेशन जुलाई 2024 में 3.6 फीसदी थी जबकि बीते वर्ष अगस्त में यह 6.83 फीसदी थी। ये आंकड़े आज 12 सितंबर को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने जारी किए हैं। अगस्त महीने के महंगाई के आंकड़े अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 फीसदी के लक्ष्य के दायरे में है। सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति दो फीसदी घट-बढ़ के साथ चार फीसदी पर रखने की जिम्मेदारी दी हुई है।

अगस्त महीने में रिटेल महंगाई मनीकंट्रोल पोल में 3.5 फीसदी के औसत से थोड़ा अधिक है।  MC पोल में अर्थशास्त्रियों ने 3.2 - 4 फीसदी की रेंज का अनुमान लगाया था। पिछले अगस्त में खुदरा कीमतों में 6.8% की वृद्धि के बेस इफेक्ट ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने में मदद की। अगस्त में खाने-पीने की चीजों की महंगाई जुलाई में दर्ज 5.42% से बढ़कर 5.66% हो गई। यह जून 2023 में 4.55% के बाद से सबसे कम है। जून में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 9.36%, मई में 8.69% और अप्रैल में 8.70% हो गई थी।

फूड इन्फ्लेशन अभी भी नरम बनी हुई है, लेकिन कुछ सब्जियों में तेजी के संकेत मिले हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में जारी क्रिसिल थाली इंडेक्स ने प्याज और आलू की कीमतों में तेजी का संकेत दिया। क्रिसिल ने कहा, "रबी की कम आवक के कारण प्याज और आलू की खुदरा कीमतों में 15 रुपये प्रति किलोग्राम और 13 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी ने शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थालियों की लागत में गिरावट को सीमित कर दिया।"


अगस्त के दौरान, अनाज, मांस, मछली, दूध उत्पाद, दालें, चीनी और कन्फेक्शनरी की कीमतों में पिछले महीने के मुकाबले गिरावट आई, जबकि महीने के दौरान अंडे, फल और सब्जियों की कीमतों में वृद्धि हुई। अगस्त के दौरान कपड़ों की कीमतों में पिछले महीने के मुकाबले गिरावट आई, जबकि महीने के दौरान जूतों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।

राज्यों की बात करें तो तेलंगाना (2.02%), उत्तराखंड (2.37%) और दिल्ली (2.52%) में अगस्त के दौरान सबसे कम खुदरा मुद्रास्फीति दर्ज की गई। हालांकि, असम, बिहार, हरियाणा, केरल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश में औसत से अधिक मुद्रास्फीति देखी गई, जिसका मतलब है कि कई राज्यों में खुदरा मुद्रास्फीति अभी भी काफी अधिक है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति के 4.4 फीसदी पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया था। हालांकि, लगातार दो महीनों तक 4 फीसदी से कम का आंकड़ा निचले स्तर को दिखाता है। अधिकांश एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में भारत की मुद्रास्फीति 4.5 फीसदी पर स्थिर रहने की संभावना है। भारत की खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर 2023 से 6% के निशान से नीचे है। यानी यह लगातार 13वां महीनो है जब खुदरा महंगाई केंद्रीय बैंक की 2-6% की टॉलरेंस रेंज के नीचे बनी हुई है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।