दिसंबर 2021 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1,29,780 करोड़ रुपये रहा है। जो नवंबर के जीएसटी कलेक्शन से थोड़ा कम रहा है। बता दें कि नवंबर में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.31 लाख करोड़ रुपये पर रहा था जो जीएसटी लागू होने के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा था।
दिसंबर 2021 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1,29,780 करोड़ रुपये रहा है। जो नवंबर के जीएसटी कलेक्शन से थोड़ा कम रहा है। बता दें कि नवंबर में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.31 लाख करोड़ रुपये पर रहा था जो जीएसटी लागू होने के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा था।
वित्त मंत्रालय ने इस बारे में आए अपने एक बयान में कहा है कि इस महीने नवंबर 2021 में जनरेट हुए ई-वे बिल में 17 फीसदी के गिरावट के बावजूद जीएसटी कलेक्शन 1.30 लाख करोड़ रुपये के पास रहा है। नवंबर 2021 में 6.1 करोड़ ई-वे बिल जनरेट हुए थे जबकि अक्टूबर 2021 में 7.4 करोड़ ई-वे बिल जनरेट हुए थे। इस बयान में आगे कहा गया है कि टैक्स अनुपालन में सुधार और केंद्र के साथ-साथ राज्यों के कर अधिकारियों के बेहतर प्रदर्शन के चलते दिसंबर महीने में करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन देखने को मिला है।
सालाना आधार पर दिसंबर 2021 में की गई रेवेन्यू की उगाही पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 13 फीसदी ज्यादा रही है जबकि दिसंबर 2019 की जीएसटी उगाही की तुलना में 26 फीसदी ज्यादा रही है।
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने यह भी बताया है कि वर्तमान साल की तीसरी तिमाही में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.30 लाख करोड़ रुपये पर रही है जो कि पहली तिमाही में 1.10 लाख करोड़ और दूसरी तिमाही में 1.15 लाख करोड़ रुपये पर रही है।
वित्त मंत्रालय का कहना है कि इकोनॉमी में आ रही रिकवरी, कर चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान, नकली बिल बनाने वालों के खिलाफ हो रही कार्यवाही की वजह से जीएसटी कलेक्शन में बढ़त आती दिख रही है । इसके साथ ही मिनिस्ट्री ने अपने बयान में यह भी कहा है कि साल की आखिरी तिमाही में भी जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
दिसंबर 2021 में सेटलमेंट के बाद राज्यों और केंद्र का CGST रेवेन्यू 48,146 करोड़ रुपये और SGST 49,760 करोड़ रुपये पर रहा है। कुल जीएसटी कलेक्शन में CGST का हिस्सा 22,578 करोड़ रुपये, SGST का हिस्सा 28,658 करोड़ रुपये , IGST का हिस्सा 69,155 करोड़ रुपये (इसमें वस्तुओं के आयात पर लिया जाने वाला 37527 करोड़ रुपये का शुल्क भी शामिल है) और सेस का हिस्सा 9,389 करोड़ रुपये रहा है।
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