Southwest Monsoon : मानसून के लिहाज से अच्छी खबर है। दक्षिण पश्चिम मानसून अनुमान से तीन दिन पहले रविवार, 29 मई 2022 को केरल पहुंच गया है। इससे पहले मौसम विभाग ने Southwest Monsoon के रविवार को केरल पहुंचने की उम्मीद जताई थी। सामान्य रूप से मानसून की शुरुआत एक जून से होती है। गौरतलब है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून को भारत की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन माना जाता है।
आईएमडी ने दिया था यह अपडेट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, " Southwest Monsoon ने 1 जून की शुरुआत की सामान्य तारीख के मुकाबले रविवार, 29 मई को केरल पहुंचने की उम्मीद है।" आईएमडी ने 15 दिन पहले बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात आसनी की मदद से 27 मई को केरल में शुरुआत की भविष्यवाणी की थी।
अच्छे कृषि उत्पादन का अनुमान
मानसून में समय से और सामान्य बारिश से धान, सोयाबीन, और दालों के अच्छे उत्पादन की उम्मीदें मजबूत होती हैं। साथ ही महंगाई पर लगाम कसती है।
जून में शुरू होने वाले सीजन में 50 साल के औसत 87 सेमी (35 इंच) की 96 फीसदी और 104 फीसदी के बीच बारिश को औसत या सामान्य बारिश माना जाता है।
आगे के लिए भी अनुकूल हैं स्थितियां
पूर्वानुमान में चार दिनों की मॉडल त्रुटि रही। हालांकि, शेष मौसम प्रणालियों का प्रभाव जो दक्षिणी प्रायद्वीप पर बना रहा, वो कम हो गया। बता दें कि आईएमडी की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया था कि केरल के ऊपर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की शुरुआत के लिए स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। आगे के लिए भी स्थितियां अनुकूल हैं। दक्षिण पश्चिम मॉनसून अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ रहा है।
इन जगहों पर हारिश होने की संभावना
बुलेटिन के अनुसार पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पूर्वी भारत तक पश्चिमी हवाओं और दक्षिण-पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ का प्रभाव बना हुआ है। इसके तहत पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। साथ ही बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगह गरज के साथ छिटपुट वर्षा हो सकती है।