Indian Army ने अग्निवीरों के लिए अपनी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करने की घोषणा की है। उम्मीदवारों को अब पहले ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन से गुजरना होगा। इसके बाद भर्ती रैलियों के दौरान फिटनेस टेस्ट देना होगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भर्ती रैलियों में भाग लेने वाले अयोग्य लोगों की भीड़ को कम किया जा सके।
10 फरवरी से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
अग्निवीर ऑनलाइन परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस 10 फरवरी से शुरू होगी। यह भर्ती प्रक्रिया कोल्हापुर के सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) के माध्यम से आयोजित की जाएगी। सेना की ओर से शुक्रवार को बदलाव को लेकर विज्ञापन जारी किया गया। सेना की तरफ से जारी इस नए आदेश में बल में सैनिकों की भर्ती के लिए तीन स्टेप्स की डिटेल दी गई है। इससे पहले, उम्मीदवारों को पहले फिजिकल फिटनेस टेस्ट से गुजरना पड़ता था, जिसके बाद उनका मेडिकल टेस्ट होता था और उन्हें अंतिम चरण के रूप में सीईई के लिए अर्हता प्राप्त करनी होती थी।
अब पहले देनी होगी ऑनलाइन परीक्षा
हालांकि अब भर्ती प्रक्रिया को बदल दिया गया है। अब उम्मीदवारों को पहले ऑनलाइन परीक्षा के लिए मौजूद होना होगा। इस परीक्षा में 25 फीसदी अंक पाने वालों को ही भर्ती रैली में फिजिकल और मेडिकल टेस्ट में उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी। ऑनलाइन परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों के स्कूल स्तर के विषयों की बुनियादी समझ का परीक्षण करना है और अंतिम योग्यता सूची तैयार करते समय परीक्षा में प्राप्त अंकों पर भी विचार किया जाएगा।
40 हजार उम्मीदवारों पर पड़ेगा असर
इस नई भर्ती प्रक्रिया का असर लगभग 40 हजार उम्मीदवारों पर पड़ेगा जो कि साल 2023-24 में अग्निवीर का एग्जाम देने वाले थे। ऑनलाइन परीक्षा के रजिस्ट्रेशन 10 फरवरी से शुरू होगा और 11 मार्च को रजिस्ट्रेशन कराने की आखिरी तारीख है। जून में भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। वहीं फिजिकल के अक्टूबर या नवंबर में होने की उम्मीद है। दिसंबर के अंत तक फाइनल मेरिट जारी की जाएगी।
इस वजह से हुआ प्रक्रिया में बदलाव
सेना के अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में बदलाव भर्ती रैलियों में आने वाले हजारों उम्मीदवारों से निपटने के लिए आवश्यक भारी प्रशासनिक लागत और रसद व्यवस्था को कम करने के लिए किया गया है। भर्ती रैलियों में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या छोटे शहरों में 5,000 से लेकर बड़े शहरों में 1.5 लाख तक थी, रैलियों में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को समायोजित करना एक चुनौती थी। पहले बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की जाती थी जिस वजह से प्रशासनिक संसाधनों पर दबाव पड़ता था। इसी वजह से पहली स्क्रीनिंग प्रॉसेस के रूप में ऑनलाइन परीक्षा से केवल योग्य उम्मीदवारों को ही सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा।