भारत भर में सभी स्कूल Covid-19 महामारी के कारण लंबे समय तक बंद रहे, जिसके चलते छात्रों को कोचिंग या ट्यूशन का सहारा लेना पड़ा। फिर चाहे वो सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट, देश भर में बच्चे काफी हद तक ट्यूशन पर ही निर्भर रहे। एक बेहद ही चौंकाने वाली बात ये है कि ट्यूशन लेने वाले बच्चों के रेश्यो में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी बेहद वंचित परिवारों के बच्चों में हुई है।
