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NEET में EWS कैटेगरी के लिए 8 लाख सालाना आय की सीमा पर फिर से विचार करेगी केंद्र, सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

EWS कैटेगरी निर्धारित करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 25, 2021 पर 7:16 PM
NEET में EWS कैटेगरी के लिए 8 लाख सालाना आय की सीमा पर फिर से विचार करेगी केंद्र, सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
फोटो: The Hindu

NEET Counselling: आरक्षण लाभ के लिए EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) को आठ लाख रुपये सालाना की सीमा पर केंद्र सरकार फिर से विचार करेगी। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसने नीट के दाखिले में आरक्षण के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (Economically Weaker Sections) की कैटेगरी निर्धारित करने के लिए तय आठ लाख रुपये की सालाना आय की सीमा पर फिर से गौर करने का फैसला लिया है।

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि EWS कैटेगरी निर्धारित करने के लिए मानदंड तय करने के वास्ते एक समिति गठित की जाएगी और समिति को यह काम करने के लिए चार हफ्तों का वक्त लगेगा। मेहता ने कहा कि अदालत में पहले दिए आश्वासन के अनुसार नीट (पीजी) काउंसिलिंग और चार हफ्तों के लिए स्थगित की जाती है।

क्या है पूरा मामला?

शीर्ष अदालत छात्रों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिसमें मौजूदा अकादमिक वर्ष के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी) में मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण और ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध कराने के लिए केंद्र तथा मेडिकल काउंसिलिंग कमिटी के 29 जुलाई के नोटिस को चुनौती दी गई है।

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