JEE Main Exam 2021 Scam: जेईई परीक्षा में छेड़छाड़ के मामले में रूसी नागरिक गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड

अधिकारियों ने बताया कि जब रूसी नागरिक शरगिन कजाकिस्तान के अलमाती से एयरपोर्ट पर पहुंचा तो आव्रजन ब्यूरो ने सीबीआई को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने उसे तत्काल रोका और जेईई परीक्षा में छेड़छाड़ के सिलसिले में उससे पूछताछ की जा रही है

अपडेटेड Oct 04, 2022 पर 11:20 AM
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जांच में संकेत मिला कि आरोपी ने आईलियॉन सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ की थी

JEE Main Exam Scam: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पिछले साल हुई आईआईटी जेईई (मुख्य) परीक्षा में कथित हेरफेर के मामले में अपनी जांच के सिलसिले में सोमवार को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक रूसी नागरिक को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में कथित छेड़छाड़ के लिए मिखाइल शरगिन के खिलाफ ‘लुक आउट सर्कुलर’ जारी किया था जिस पर मुख्य हैकर होने का संदेह है।

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अधिकारियों ने बताया कि जब रूसी नागरिक शरगिन कजाकिस्तान के अलमाती से एयरपोर्ट पर पहुंचा तो आव्रजन ब्यूरो ने सीबीआई को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने उसे तत्काल रोका और जेईई परीक्षा में छेड़छाड़ के सिलसिले में उससे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दौरान सामने आया कि कुछ विदेशी नागरिक जेईई (मुख्य) समेत कई ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली में शामिल थे। इस मामले में वह अन्य आरोपियों के साथ मिले थे।


आईलियॉन सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप

जांच में संकेत मिला कि शरगिन ने कथित रूप से आईलियॉन सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ की थी। इस सॉफ्टवेयर पर जेईई (मुख्य)-2021 परीक्षा आयोजित की गई थी। अधिकारियों के अनुसार शरगिन ने परीक्षा के दौरान संदिग्ध अभ्यर्थियों की कम्प्यूटर सिस्टम को हैक करने में अन्य आरोपियों की मदद भी की थी।

एजेंसी ने पिछले साल सितंबर में ‘एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ और उसके तीन डायरेक्टरों सिद्धार्थ कृष्ण, विश्वंभर मणि त्रिपाठी और गोविंद वार्ष्णेय के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कुछ अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया।

परीक्षा में हेरफेर का आरोप

आरोप है कि तीनों डायरेक्टरों अन्य सहयोगियों और दलालों के साथ साजिश रचते हुए जेईई (मुख्य) की ऑनलाइन परीक्षा में हेरफेर कर रहे थे। अभ्यर्थियों से भारी रकम लेकर देश के शीर्ष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में उन्हें एडमिशन दिला रहे थे। आरोपों के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत में एक चयनित एग्जाम सेंटर से आवेदकों के प्रश्नपत्रों को टेक्नोलॉजी की मदद से हल कराया जा रहा था।

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