PACS पर CSC सर्विस शुरू, केंद्र के इस फैसले से 14 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

Job News: देश के ग्रामीण इलाकों के लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उनतक सरकारी योजनाओं को तेजी से पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी (PACS) पर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की सेवाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। अब तक 17,176 पैक्स को CSC के रूप में काम करने के लिए रजिस्टर्ड किया जा चुका है। ये पैक्स ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग, बीमा और आधार नामांकन जैसी 300 से अधिक सेवाएं दे सकेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि इससे लगभग 13-14 हजार युवाओं को ऑपरेटर के रूप में रोजगार मिलेगा

अपडेटेड Jul 24, 2023 पर 3:12 PM
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Job News: अमित शाह ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में लगभग तीन लाख नए पैक्स स्थापित किए जाएंगे, जो शुरुआत से ही ये सेवाएं दे सकेंगे

Job News: देश के ग्रामीण इलाकों के लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उनतक सरकारी योजनाओं को तेजी से पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी (PACS) पर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की सेवाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हाल ही में नई दिल्ली में PACS के माध्यम से कॉमन सर्विस सेंटर सेवाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान शाह ने बताया कि अब तक 17,176 पैक्स को सीएससी के रूप में काम करने के लिए रजिस्टर्ड किया गया है। ये पैक्स ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग, बीमा और आधार नामांकन जैसी 300 से अधिक सेवाएं दे सकेंगे। शाह ने कहा कि देश भर में लगभग 95,000 पैक्स हैं और जल्द ही सभी CSC का संचालन कर सकेंगे।

इन पैक्स के जरिए खाद, बीज बिक्री के साथ दवाएं और फसल में कीटनाशक छिड़काव के लिए आधुनिक उपकरण जैसे ड्रोन बेचे जाएंगे। देशभर में 1 लाख से ज्यादा पैक्स यानी प्राइमरी एग्रीकल्टर क्रेडिट सोसाइटी हैं, जिन्हें कॉमन सर्विस सेंटर भी कहा जाता है। इन समितियों पर किसानों के लिए वर्तमान में खाद-बीज आदि उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन, 21 जुलाई को सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आयोजित राष्ट्रीय महासंगोष्ठी में निर्णय लिया गया कि इन पैक्स पर CSC की सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्थापित होंगे 3 लाख नए पैक्स


अमित शाह ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में लगभग तीन लाख नए पैक्स स्थापित किए जाएंगे, जो शुरुआत से ही ये सेवाएं दे सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पैक्स और CSC दोनों एक दूसरे से जुड़ रहे हैं। इससे न केवल गरीबों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा और नई ताकत मिलेगी। उन्होंने बताया कि लगभग 17,176 पैक्स ने CSC के रूप में काम करने के लिए अपना रजिस्टर्ड करा लिया है। इसमें से 6,670 पैक्स ने लेनदेन भी शुरू कर दिया है।

13-14 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

शाह ने कहा कि आने वाले 1-2 सप्ताह में बाकी रजिस्टर्ड पैक्स भी लेनदेन शुरू कर देंगे। इससे लगभग 13-14 हजार युवाओं को ऑपरेटर के रूप में रोजगार मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि CSC जल्द ही रेल आरक्षण सेवा शुरू करेंगे और उन्हें हवाई यात्रा के लिए टिकट बुक करने की अनुमति देने के प्रयास भी जारी हैं। पैक्स को CSC की सेवाएं देने में सक्षम बनाने के लिए फरवरी में एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह MoU सहकारिता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, नाबार्ड और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के बीच हुआ था।

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ये पैक्स नागरिकों को CSC योजना के डिजिटल सेवा पोर्टल पर सूचीबद्ध सभी सेवाएं दे सकते हैं। इनमें बैंकिंग, बीमा, आधार नामांकन, कानूनी सेवाएं, कृषि उत्पाद एवं उपकरण, पैन कार्ड, IRCTC, रेल, बस और हवाई टिकट संबंधी सेवाएं आदि शामिल हैं। शाह ने कहा कि अगर सहकारी आंदोलन को मजबूत करना है तो सबसे पहले इसकी सबसे छोटी इकाई पैक्स को मजबूत करना होगा। इसलिए मोदी सरकार ने उनके आधुनिकीकरण के लिए कई कदम उठाए हैं।

आसानी से पहुंच सकेंगी सरकारी योजनाएं

संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मौके पर कहा कि सक्रिय CSC की संख्या 2014 में 83,000 से बढ़कर इस समय 5.19 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पैक्स के CSC के रूप में काम करने से ग्रामीण आबादी अब बहुत कम लागत पर कई सेवाएं प्राप्त कर सकेगी। सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।

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