Pariksha Pe Charcha 2023: पीएम मोदी ने लाखों छात्रों को दिया एग्जाम का ‘मंत्र’, पढ़ें 'परीक्षा पे चर्चा' की बड़ी बातें

Pariksha Pe Charcha 2023: प्रधानमंत्री मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ के तहत लाखों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत की। कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2018 में पहली बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ संवाद किया था। इसके बाद से हर साल पीएम मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ करते हैं

अपडेटेड Jan 27, 2023 पर 1:28 PM
Story continues below Advertisement
Pariksha Pe Charcha 2023: 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच्चों से मिले और उनसे बातचीत की

Pariksha Pe Charcha 2023 LIVE Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज 27 जनवरी को ‘परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha)’ के तहत लाखों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत की। पीएम मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले आयोजित किए जाने वाले लोकप्रिय कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा' के छठें संस्करण में आज नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में देश के लाखों छात्रों से वर्चुअल मोड में संवाद की। इस लाइव टेलीकॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रम के दौरान छात्र, शिक्षक और अभिभावक प्रधानमंत्री से परीक्षा के तनाव को कम करने और अपना बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सवाल पूछे, जिनका जवाब पीएम वीडियो-इंटेरैक्शन में उन्हें लाइव दिया।

इस साल करीब 38 लाख छात्रों ने परीक्षा पे चर्चा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2018 में पहली बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ संवाद किया था। इसके बाद से हर साल पीएम मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ करते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ सीधे संवाद करते हैं।

पढ़ें, चर्चा की बड़ी बातें


- पीएम मोदी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 'परीक्षा पर चर्चा' मेरी भी परीक्षा है और देश के कोटि-कोटि विद्यार्थी मेरी परीक्षा ले रहे हैं... मुझे ये परीक्षा देने में आनंद आता है। परिवारों को अपने बच्चों से उम्मीदें होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर यह सिर्फ सामाजिक स्थिति बनाए रखने के लिए है, तो यह खतरनाक हो जाता है।

- पीएम ने कहा कि सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं वैसे भी जीवन में हमे समय के प्रबंधन के प्रति जागरूक रहना चाहिए। काम का ढेर इसलिए हो जाता है क्योंकि समय पर उसे नहीं किया। काम करने की कभी थकान नहीं होती, काम करने से संतोष होता है। काम ना करने से थकान होती है कि इतना काम बचा है।

- प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि हम राजनीति में कितने ही चुनाव क्यों न जीत लें लेकिन ऐसा दवाब पैदा किया जाता है कि हमें हारना नहीं है। चारों तरफ से दबाव बनाया जाता है। क्या हमें इन दबावों से दबना चाहिए? अगर आप अपनी एक्टिविटी पर फोकस रहते हैं तो आप ऐसे संकट से बाहर आ जाएंगे। कभी भी दबावों के दबाव में न रहें।

- उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हैं जो बहुत मेहनत करते हैं। कुछ लोगों के लिए कड़ी मेहनत उनके जीवन के शब्दकोश में मौजूद नहीं है। कुछ मुश्किल से स्मार्ट वर्क करते हैं और कुछ स्मार्ट तराके से हार्ड वर्क करते हैं। हमें इन पहलुओं की बारीकियों को सीखना चाहिए और परिणाम के लिए उसी अनुसार काम करना चाहिए।

- पीएम ने आगे कहा कि एक बार आपने इस बात को स्वीकार कर लिया कि मेरी ये क्षमता है ये स्थिति है तो मुझे इसके अनुकूल चीजें खोजनी होगी। ज्यादातर लोग सामान्य होते हैं, असाधारण लोग बहुत कम होते हैं। सामान्य लोग असामान्य काम करते हैं और जब सामान्य लोग असामान्य काम करते हैं तब वे ऊंचाई पर जाते हैं।

- पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया में आर्थिक तुलनात्मक में भारत को एक आशा की किरण के रूप में देखा जा रहा है।2-3 साल पहले हमारी सरकार के विषय में लिखा जाता था कि इनके पास कोई अर्थशास्त्री नहीं है सब सामान्य हैं,PM को अर्थशास्त्र के बारे में कुछ नहीं पता। जिस देश को सामान्य कहा जाता था वे आज चमक रहा है।

- उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि कभी कभी होता है कि आलोचना करने वाला कौन है ये महत्वपूर्ण होता है। जो अपना है वे कहता है तो आप उसे सकारात्मक लेते हैं लेकिन जो आपको पसंद नहीं है वे कहता है तो आपको गुस्सा आता है। आलोचना करने वाले आदतन करते रहते हैं तो उसे एक बक्से में डाल दीजिए क्योंकि उनका इरादा कुछ और है।

- प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में अब गैजेट-उपयोगकर्ता के लिए औसतन छह घंटे का स्क्रीन-टाइम है। यह निश्चित रूप से उस समय और ऊर्जा की मात्रा को दर्शाता है जो किसी व्यक्ति द्वारा अर्थहीन और उत्पादकता के बिना निकाल दी जाती है। यह गहरी चिंता का विषय है और लोगों की रचनात्मकता के लिए खतरा है।

- पीएम ने कहा कि दुनिया की सबसे पुरातन भाषा जिस देश के पास हो उस देश को गर्व होना चाहिए। UN में मैंने जानबूझ कर कुछ तमिल भाषा से जुड़ी बातें बताई क्योंकि मैं दुनिया को यह बताना चाहता था कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा मेरे देश में है।

शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ के लिए 38.80 लाख हिस्सेदारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें 31.24 लाख छात्र, 5.60 लाख शिक्षक और 1.95 लाख अभिभावक शामिल हैं। पिछली बार साल 2022 की तुलना में आंकडा 15.7 लाख ज्यादा है।

इसमें कहा गया है कि माईगव पर रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के माध्यम से करीब 2050 सहभागियों का चयन किया गया है, जिन्हें विशेष ‘परीक्षा पे चर्चा’ किट प्रदान किया जाएगा। इस किट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखा हिंदी और अंग्रेजी में ‘एक्जाम वॉरियर’ पुस्तक, एक प्रमाणपत्र शामिल है।

ये भी पढ़ें- Indus Waters Treaty: अब पानी के लिए भी तरसेगा पाकिस्तान? भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन के लिए जारी किया नोटिस

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।