विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एक बड़ा ऐलान किया है। अब छात्र एक साथ दो फुल टाइम डिग्री हासिल कर सकेंगे। यूजीसी के चेयरमैन जगदीश कुमार (Jagadesh Kumar) ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत देश भर के छात्र एक ही विश्वविद्यालय या अलग-अलग कॉलेजों से एक साथ दो डिग्री प्रोग्राम पूरा कर सकते हैं।
यूजीसी की तरफ से जारी गाइडलाइंस के अंतर्गत देशभर के विश्वविद्यालय अब छात्रों को एक साथ 2 डिग्री लेने की इजाजत देंगे। UGC गाइडलाइंस के मुताबिक छात्र जिस विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं उसी विश्वविद्यालय से अपनी पसंद का कोई और डिग्री पाठ्यक्रम भी साथ ही साथ पूरा कर सकते हैं। यदि छात्रों को किसी अन्य विश्वविद्यालय में अपनी पसंद का कोई और पाठ्यक्रम अच्छा लगता है तो ऐसी स्थिति में भी उन्हें उसमें दाखिला लेने की अनुमति होगी।
UGC के चेयरमैन ने किया ऐलान
UGC के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने बताया कि छात्रों को एक ही समय में दो संस्थानों से दो डिग्री हासिल करने की अनुमति दी जा रही है। नई शिक्षा नीति लागू होने के साथ ही यूजीसी उच्च शिक्षा व्यवस्था में छात्रों को अधिक विकल्प प्रदान करेगा। यूजीसी ने इस परिवर्तन को लेकर एक नई गाइडलाइन बनाई है।
इस नई प्रक्रिया में छात्रों की तरफ से हासिल किए जाने वाले 40 फीसदी क्रेडिट उनकी मूल यूनिवर्सिटी के अलावा किसी अन्य यूनिवर्सिटी का हो सकता है। यूजीसी के मुताबिक नई गाइडलाइन एक साथ दो डिग्री क्रेडिट स्कोर सिस्टम एवं मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इसके अलावा अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के नए करिकुलम पर भी काम किया जा रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय अंडरग्रेजुएट कोर्सेस नए सिरे से डिजाइन कर रहे हैं।
देश का सबसे बड़ा केंद्रीय विश्वविद्यालय डीयू आगामी नए सत्र से नए अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क को लागू कर सकता है। दिल्ली विश्वविद्यालय के मुताबिक के अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए नया करिकुलम दो महीने में तैयार हो सकता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय की एक्जीक्यूटिव काउंसिल अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क 2022 (यूजीसीएफ) को पारित कर चुकी है। अकेडमिक काउंसिल भी इसे पारित कर चुकी। NEP 2020 द्वारा सुझाए गए सुधारों के आधार पर अंडरग्रेजुएट करिकुलम बनाया जा रहा है।