UPSC को 1 अगस्त को मिलेगा नया चेयरमैन, कौन हैं प्रीति सूदन? मनोज सोनी की जगह संभालेंगी आयोग की जिम्मेदारी

Who is Preeti Sudan: साल 1983 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी सूदन जुलाई 2020 तक, तीन सालों तक केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव रहने के अलावा कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने मनोज सोनी का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है, जो 31 जुलाई से प्रभावी है

अपडेटेड Jul 31, 2024 पर 8:34 PM
UPSC को 1 अगस्त को मिलेगा नया चेयरमैन, कौन हैं प्रीति सूदन

सरकार ने पूर्व स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की अध्यक्ष नियुक्त किया है। एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गयी है। इससे पहले मनोज सोनी ने इस महीने की शुरुआत में UPSC के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। सूदन बृहस्पतिवार को UPSC चेयरमैन का पदभार ग्रहण करेंगी। वह फिलहाल आयोग की सदस्य हैं।

सरकार की ओर से 29 जुलाई को जारी किए गए आदेश में कहा गया है, "राष्ट्रपति ने UPSC की सदस्य प्रीति सूदन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है, जो एक अगस्त, 2024 से अगले आदेश तक या 29 अप्रैल, 2025 तक, जो भी पूर्व हो, UPSC के अध्यक्ष के कर्तव्यों का निर्वहन करेंगी।"

मनोज सोनी का इस्तीफा भी स्वीकार 


साल 1983 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी सूदन जुलाई 2020 तक, तीन सालों तक केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव रहने के अलावा कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने मनोज सोनी का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है, जो 31 जुलाई से प्रभावी है। मनोज सोनी ने चार जुलाई को आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ दिया था।

कौन हैं प्रीति सूदन?

आंध्र प्रदेश कैडर की 1983 बैच रिटायर IAS अधिकारी प्रीति सूदन का पब्लिक सर्विस में एक लंबा करियर रहा है। वह जुलाई 2020 में स्वास्थ्य सचिव के पद से रिटायर हुईं और उन्होंने महिला एवं बाल विकास और रक्षा मंत्रालयों में भी काम किया है।

कल, 1 अगस्त को, प्रीति सूदन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 316A के तहत नियुक्त संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के चेयरमैन का पद संभालेंगी।

सूदन अब अप्रैल 2025 तक आयोग की जिम्मेदारी संभालेंगे करेंगी, जब वह 65 साल की हो जाएंगी। आंध्र प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान, सूदन ने वित्त और योजना, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि सहित कई प्रमुख विभागों को संभाला।

केंद्र की कई बड़ी योजना में निभाई अहम भूमिका

राष्ट्रीय स्तर पर, सूदन ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और आयुष्मान भारत जैसे अहम कार्यक्रम शुरू करने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने नेशनल हेल्थ कमिशन, उससे जुड़े हेल्थ प्रोफेशनल कमिशनर और ई-सिगरेट पर रोक के लिए कानून बनाने में भी अहम भूमिका निभाई।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सूडान के पास लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र और सामाजिक नीति और योजना में डिग्री है। उन्होंने वाशिंगटन में पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट में प्रशिक्षण हासिल किया है।

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