Electoral Bonds मामले में SBI के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, ADR ने बैंक पर लगाया अवमानना का आरोप

Electoral Bonds Case: ADR और बाकी लोगों की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पिछले महीने 15 फरवरी को 2018 में लाई गई इलेक्टोरल बॉन्ड्स स्कीम को असंवैधानिक घोषित किया था। इस मामले में एसबीआई को 6 मार्च तक चुनावी बॉन्ड्स से जुड़ी डिटेल्स चुनाव आयोग को देनी थी लेकिन अभी तक ऐसा हो नहीं पाया है। इसे लेकर ही ADR सुप्रीमकोर्ट पहुंचा है

अपडेटेड Mar 07, 2024 पर 1:43 PM
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Electoral Bonds Case: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने एसबीआई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया है। इलेक्टोरल बॉन्ड्स के मामले में यह मुख्य याचिकाकर्ता है और इसने एसबीआई के खिलाफ अवमानना का केस दर्ज किया है।

Electoral Bonds Case: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने एसबीआई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया है। इलेक्टोरल बॉन्ड्स के मामले में यह मुख्य याचिकाकर्ता है और इसने एसबीआई के खिलाफ अवमानना का केस दर्ज किया है। एडीआर ने अवमानना का यह केस एसबीआई की उस याचिका के बाद दायर किया है जिसमें SBI ने सुप्रीम कोर्ट से इलेक्टोरल बॉन्ड्स से जुड़े आंकड़े पेश करने की डेडलाइन आगे खिसकाने की मांग की है। एसबीआई ने 4 मार्च को सुप्रीम कोर्ट से डेडलाइन 30 जून 2024 तक खिसकाने की मांग की थी। अभी यह डेडलाइन 6 मार्च थी जो बीत चुकी है।

SBI ने क्यों की डेट आगे खिसकाने की मांग?

एसबीआई ने डेडलाइन बीतने से दो दिन पहले 4 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। बैंक का कहना है कि इलेक्टोरल बॉन्ड्स से जुड़े आंकड़े काफी जटिल हैं। बैंक का कहना है कि 12 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच 22217 चुनावी बॉन्डस जारी हुए थे। इसे लेकर दो अलग-अलग सूचनाओं का स्लॉट है जिन्हें डिकोड करना है और इसके बाद चुनाव आयोग के साथ जो डेटा साझा करना है, उसकी डिटेल्स तैयार होगी। एसबीआई के मुताबिक ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने जो डेडलाइन फिक्स की है, वह पर्याप्त नहीं है।


ADR का क्या कहना है अब

एसबीआई की याचिका के बाद अब एडीआर ने इस मामले में अवमानना से जुड़ी याचिका दायर की है। एडीआर का कहना है कि एसबीआई ने जानबूझकर और कोर्ट की संवैधानिक बेंच के फैसले की अवमानना की है। एडीआर ने अपनी याचिका में आगे कहा है कि यह न सिर्फ नागरिकों के सूचना के अधिकार को खारिज कर रहा है, बल्कि जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट की भी अवमानना कर रहा है। मामले की सुनवाई अब 11 मार्च को होने की उम्मीद है, जिसके दौरान बैंक की याचिका पर भी विचार किया जाएगा। ADR और बाकी लोगों की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए पिछले महीने 15 फरवरी को 2018 में लाई गई इलेक्टोरल बॉन्ड्स स्कीम को असंवैधानिक घोषित किया था। इस मामले में एसबीआई को 6 मार्च तक चुनावी बॉन्ड्स से जुड़ी डिटेल्स चुनाव आयोग को देनी थी और चुनाव आयोग को इसे अपनी वेबसाइट पर 13 मार्च तक डालना था।

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