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कर्मचारी देता है गलत जानकारी, तो कंपनी को उसे नौकरी से निकालने का है पूरा हक: सुप्रीम कोर्ट

SC ने कहा कि ऐसे मामले में भी, जहां कर्मचारी ने खत्म हुए आपराधिक मामले की सही और सच्ची घोषणा की है, तब भी कंपनी को उसके पिछले रिकॉर्ड खंगालने का पूरा हक है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 27, 2022 पर 1:42 PM
कर्मचारी देता है गलत जानकारी, तो कंपनी को उसे नौकरी से निकालने का है पूरा हक: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने सोमवार को कहा कि कोई भी कर्मचारी (Employee) कंपनी को ऐसी गलत जानकारी (False Information) देता है, जिसका सीधा असर उसके पद पर पड़ता है, तो कंपनी उसे बर्खास्त कर सकती है। शीर्ष अदालत ने खास तौर से पुलिस फोर्स में भर्ती के मामले में कानून के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए कहा कि जनता के विश्वास को प्रेरित करने की उनकी क्षमता समाज की सुरक्षा के लिए एक कवच है।

SC ने कहा कि ऐसे मामले में भी, जहां कर्मचारी ने खत्म हुए आपराधिक मामले की सही और सच्ची घोषणा की है, तब भी कंपनी को उसके पिछले रिकॉर्ड खंगालने का पूरा हक है। साथ ही उम्मीदवार को नियुक्त करने के लिए मजबूर भी नहीं किया जा सकता है।

इसमें कहा गया है कि वेरिफिकेशन फॉर्म में किसी कर्मचारी को अभियोजन/दोषी ठहराने आदि से जुड़ी जानकारी देने की जरूर का मकसद, ये है कि उस शख्स को किसी भी नौकरी या सर्विस पर रखने से पहले उसके चरित्र और पिछले रिकॉर्ड का सही से आकलन किया जा सके।

शीर्ष अदालत ने कहा कि अभियोजन और दोषो ठहराए जाने से जुड़े सवालों के जवाब में अहम जानकारी को छिपाने और गलत बयान देने से कर्मचारी के चरित्र और आचरण पर सीधा असर पड़ता है।

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