Adipurush Review: क्या राम-सीता के तौर पर पसंद आएंगे कृति सैनन और प्रभाष, या फिर आप होंगे निराश, जानें कैसी है ये फिल्म

त्रेता युग से कलियुग तक भगवान राम और जीवनी रामायण का महत्व समान रूप से बना हुआ है। यहां तक कि लॉकडाउन और कोरोना के वक्त भी लोगों को घर पर रोकने के लिए रामायण को फिर से टेवी पर टेलिकास्ट किया गया था। बॉलीवुड वालों के लिए भी रामायण, महाभारत और इस तरह की पौराणिक कथाएं हमेशा से ही फेवरेट टॉपिक रही हैं। अब निर्माता निर्देशक ओम राउत 'आदिपुरुष' (Adipurush) के साथ एक नए कलेवर में रामायण को हमारे बीच लेकर आए हैं। आइये जानते हैं कि आखिर ये फिल्म है कैसी

अपडेटेड Jun 16, 2023 पर 2:54 PM
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निर्माता निर्देशक ओम राउत 'आदिपुरुष' (Adipurush) के साथ एक नए कलेवर में रामायण को हमारे बीच लेकर आए हैं। आइये जानते हैं कि आखिर ये फिल्म है कैसी

भारत में 'भगवान राम' का महत्व क्या और कितना है इस बारे में शायद ही किसी को बताने की जरूरत है। जन्म से लेकर मृत्यु तक राम नाम का अस्तित्व हमारे जीवन में अनवरत ही बना रहता है। त्रेता युग से कलियुग तक भगवान राम और जीवनी रामायण का महत्व समान रूप से बना हुआ है। यहां तक कि लॉकडाउन और कोरोना के वक्त भी लोगों को घर पर रोकने के लिए रामायण को फिर से टेवी पर टेलिकास्ट किया गया था। बॉलीवुड वालों के लिए भी रामायण, महाभारत और इस तरह की पौराणिक कथाएं हमेशा से ही फेवरेट टॉपिक रही हैं। अब निर्माता निर्देशक ओम राउत 'आदिपुरुष' (Adipurush) के साथ एक नए कलेवर में रामायण को हमारे बीच लेकर आए हैं। आइये जानते हैं कि आखिर ये फिल्म है कैसी।

कैसी है आदिपुरुष

रामायण एक ऐसी कहानी है जिसे भारत का लगभग बच्चा जानता है। तो फिल्म में कहानी क्या है यो तो लगभग हर किसी को पता है। जो सबसे ज्यादा दिलचस्प बात है वो ये है कि आखिर इस फिल्म में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण की कहानी और उनके पात्रों का ट्रीटमेंट कैसा है और हम उनसे इस फिल्म के जरिए कितना कनेक्ट हो पाते हैं। हो पाते भी हैं या फिर नहीं। वैसे भी फिल्म के ट्रेलर को देख कर भी ऐसा ही लग रहा था कि इस फिल्म में ट्रीटमेंट से ज्यादा मेहनत विजुअल इफेक्ट्स और भारी भरकम डायलॉग पर की गई है।


बात फिल्म के VFX की

'आदिपुरुष' (Adipurush) कहानी है रामायण की। लेकिन फिल्म के निर्देशकों ने सबसे ज्यादा दिमाग, मेहनत, वक्त और पैसा लगाया है इसके VFX यानी विजुअल इफेक्टस पर। फिल्म के पहले भाग में कहानी में फिर भी काफी कुछ है। इस दौरान काफी कुछ घटता हुआ नजर भी आता है। लेकिन दूसरा हाफ पूरी तरह से VFX को समर्पित दिखाई देता है। इस दौरान आपके कानों में गूंजते हैं भारी भरकम डायलॉग्स। साथ ही इस फिल्म को देखने वालों को एक्टर्स की चॉइस से भी काफी दिक्कतें हो सकती हैं। ट्रेलर के रिलीज होने के साथ ही कई सारे लोग राम के किरदार में प्रभास, सीता के किरदार में कृति सैनन और लक्ष्मण के किरदार में सनी सिंह से कन्विंस नहीं लग रहे थे।

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कैसे हैं इसके डायलॉग्स

लेखक मनोज मुंतशिर लगता है इस फिल्म के डायलॉग को लिखते वक्त ज्यादा इमोशनल हो गए हैं। तभी तो रामायण जैसी त्रेतायुग की कथा में ऐसे कलियुगी डायलॉग्स को उन्होंने घुसेड़ दिया है। आपको कुछ डायलॉग बताते हैं। फिल्म में लंका दहन वाले सीन में हनुमान जी बोलते नजर आते हैं कि जो हमारी बहनों को हाथ लगाएंगे, उनकी लंका लगा देंगे। एक और डायलॉग है कि कपड़ा तेरे बाप का, आग तेरे बाप की, तेल तेरे बाप का, जलेगी भी तेरे बाप की। अब इस प्रकार के डायलॉग के साथ लोगों के सामने रामायण की कहानी सुनाना है तो फिर अब बॉलीवुड को भागवान राम ही बचा सकते हैं।

कैसा है कलाकारों का काम

बाकी अगर फिल्म में अगर कलाकारों के काम की बात करें तो सभी ने मेहनत की है लेकिन प्रभावित करता हुआ कोई भी नजर नहीं आता है। फिल्म में प्रभाष भगवान राम बने हैं। बाहुबली के बाद से ही ऑडियंस में उनका चार्म अब खत्म होता जा रहा है। वहीं कृति सैनन, सनी सिंह और सैफ अली खान भी कुछ खासा असर छोड़ते हुए नजर नहीं आते हैं। केवल फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंट स्कोर ही है जो अच्छा लगता है। समाचारों में था कि हर थियेटर में एक सीट हनुमान जी के लिए छोड़ी गई है। मेरी उनसे यही विनती है कि थोड़ा सा उनकी कृपा फिल्म मेकर्स पर पड़े और वो रामायण जैसी कथा को लेकर अच्छी और सेंसिबल फिल्में बना सकें। हम अपनी तरफ से आदिपुरुष को ढाई स्टार देना चाहेंगे।

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