Chhaava Box Office Prediction : विक्की कौशल और रश्मिका मंधाना की फिल्म छावा (Chhaava) वैलेंटाइन डे के खास मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। सिनेमाघरों में फिल्म को देखने पहुंचे दर्शकों ने विक्की कौशल के एक्टिंग को खूब सराहा। पर्दे पर छावा की भूमिका निभा रहे विक्की कौशल के लिए फिल्म के दौरान काफी तालियां बटोरी। यह फिल्म मराठा योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य और पराक्रम की कहानी दिखाती है। विक्की कौशल ने इस किरदार को दमदार अंदाज में निभाया है, जिससे दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। फिल्म में क्या-क्या देखने को मिले? यहां पढ़ें फिल्मी का पूरा रिव्यू ।
ऐसे शुरु होती है फिल्म की कहानी
फिल्म की शुरुआत अजय देवगन की आवाज से होती है, जो 17वीं सदी के भारत और औरंगजेब के क्रूर शासन का परिचय देती है। इसमें दिखाया गया है कि औरंगजेब क्रोकेट खेल रहा होता है, तभी उसे खबर मिलती है कि छत्रपति शिवाजी महाराज, जिन्हें "दक्खन का शेर" कहा जाता था, अब नहीं रहे। यह सुनकर वह खुश हो जाता है। विक्की कौशल ने संभाजी महाराज की शक्ति और वीरता को शानदार तरीके से पर्दे पर उतारा है। वह कभी युद्ध के मैदान में जोश और दृढ़ संकल्प दिखाते हैं, तो कभी माँ-बेटे के रिश्ते की कोमल भावनाएं। फिल्म का सबसे दमदार दृश्य वह है, जब संभाजी महाराज एक शेर से भिड़ते हैं, जो उनकी अदम्य साहस का प्रतीक बन जाता है।
रश्मिका मंदाना ने संभाजी की पत्नी महारानी येसुबाई के रूप में बेहतरीन अभिनय किया है। उनकी और विक्की कौशल की केमिस्ट्री साफ नजर आती है। भले ही उनके संवाद ज्यादा न हों, लेकिन हर सीन में उनकी मौजूदगी असर छोड़ती है और कहानी में एक इमोशनल कड़ी को जोड़ती है। 'पुष्पा 2' में श्रीवल्ली के रूप में नजर आ चुकी रश्मिका मंदाना ने महारानी येसुबाई और श्री सखी के किरदार को शानदार तरीके से निभाया है।
फिल्म में संभाजी महाराज और येसुबाई के रिश्ते को बखूबी दिखाया गया है, जहां दोनों के बीच सम्मान और आपसी समझ की झलक साफ नजर आती है। अक्षय खन्ना ने औरंगजेब के किरदार में दमदार अभिनय किया है। उनके शुरुआती दृश्य प्रभावशाली हैं, जहां वे शांत लेकिन तीव्र नजर आते हैं। हालांकि, इंटरवल के बाद उनका किरदार थोड़ा कमजोर पड़ जाता है, जिससे उनकी पकड़ ढीली लगती है। फिल्म का संगीत अच्छा है और कहानी को मजबूत बनाता है।
कहानी पूरी तरह से संभाजी महाराज पर केंद्रित है, जिससे बाकी किरदारों को ज्यादा गहराई नहीं मिल पाई। विक्की कौशल ने शानदार काम किया है, लेकिन सहायक कलाकारों के किरदार और बेहतर तरीके से लिखे जा सकते थे। दिव्या दत्ता की भूमिका सीमित है, और अक्षय खन्ना के पास भी कम संवाद हैं, जिससे दर्शक उनके शानदार अभिनय को और ज्यादा देखने की इच्छा रखते हैं।
दमदार है विक्की कौशल की एक्टिंग
फिल्म में संभाजी महाराज के संघर्ष और बलिदान को प्रभावी तरीके से दिखाया गया है, लेकिन बहुत ज्यादा युद्ध दृश्यों के कारण उनकी व्यक्तिगत कहानी कहीं-कहीं कमजोर पड़ जाती है। फिल्म में संभाजी महाराज से जुड़े भावनात्मक दृश्य काफी प्रभावशाली हैं और देशभक्ति की भावना जगाते हैं। विक्की कौशल का आखिरी संवाद दिल को छू लेने वाला है। कहानी में संभाजी के साथ हुए विश्वासघात और मुगलों द्वारा समेश्वर किले में उन्हें पकड़ने की घटना को दिखाया गया है।
फिल्म का सबसे खास सीन है ये
संभाजी और औरंगजेब के बीच का टकराव फिल्म का सबसे दमदार हिस्सा है। विक्की कौशल और अक्षय खन्ना ने अपने दमदार अभिनय से फिल्म में जान डाल दी है। उनके संवादों में विचारों का टकराव साफ नजर आता है। फिल्म में दिखाया गया है कि औरंगजेब को संभाजी महाराज के साहस की सराहना है और वह अफसोस करता है कि उसके पास ऐसा बेटा नहीं है। 'छावा' कई शानदार पहलुओं के बावजूद कुछ कमियों से जूझती है। फिल्म में युद्ध के दृश्यों की भरमार है, जिससे कहानी के भावनात्मक पहलू दब जाते हैं।
विक्की कौशल का अभिनय दमदार है और रश्मिका मंदाना के साथ उनकी केमिस्ट्री शानदार लगती है। हालांकि, फिल्म दृश्यों की भव्यता पर ज्यादा फोकस करती है, जिससे सहायक किरदारों को उतनी गहराई नहीं मिल पाती। 'छावा' एक भव्य और दमदार फिल्म है, जिसमें विक्की कौशल ने शानदार अभिनय किया है।
फिल्म में कुछ बेहद क्रूर दृश्य भी दिखाए गए हैं, खासतौर पर जब औरंगजेब के आदेश पर संभाजी महाराज पर अत्याचार किया जाता है। इनमें जीभ काटना, नाखून निकालना और आंखों पर हमला जैसे दृश्य शामिल हैं, जो दर्शकों को थोड़ा परेशान कर सकते हैं।