Mamta Kulkarni Rejoins Kinnar Akhada: बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी एक बार फिर किन्नर अखाड़ा में महामंडलेश्वर पद ग्रहण कर लिया है। फिल्म जगत से अध्यात्म के क्षेत्र में आईं और हाल में किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा देने वाली ममता ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वह किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनी रहेंगी। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर पद पर बने रहने की पुष्टि की है।
एक वीडियो में उन्होंने बताया कि किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इसलिए उन्होंने अखाड़े में फिर से शामिल होकर सनातन धर्म की सेवा करने का फैसला किया।
ममता कुलकर्णी ने एक वीडियो संदेश में कहा, "महामंडलेश्वर पद से मेरा इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। मैं आभारी हूं कि आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने मुझे इस पद पर बनाए रखा। महामंडलेश्वर बनाने के बाद मैंने जो गुरु को भेंट की थी वह छत्र, छड़ी और चंवर के लिए और उसमें से जो पैसा बचा वह भंडारे के लिए था।"
उन्होंने कहा कि वे अखाड़े को समर्पित रहेंगी। मुझे फिर से पद पर बिठाने के लिए मैं अपने गुरु की आभारी हूं। आगे बढ़ते हुए मैं अपना जीवन किन्नर अखाड़े और सनातन धर्म को समर्पित करूंगी। किन्नर कथावाचक हिमांगी सखी और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति की थी।
ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर का पद छोड़ने के साथ ही इस पद के बदले दो लाख रुपये मांगे जाने का भी आरोप लगाया था। पिछले 24 जनवरी को ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था।
इससे पहले 10 फरवरी को ममता कुलकर्णी ने एक वीडियो जारी कर कहा था, "मैं यमाई ममता नंद गिरि अपने पद से इस्तीफा देती हूं। किन्नर अखाड़े और दूसरे संतों के बीच मुझे महामंडलेश्वर बनाए जाने को लेकर दिक्कत हो रही है।"
उन्होंने कहा था, "25 साल तपस्या के बाद मुझे यह सम्मान दिया गया था। मैंने देखा कि मुझे महामंडलेश्वर पद दिए जाने से कई लोगों को आपत्ति हुई। मैंने चैतन्य गगन गिरि महाराज के सानिध्य में 25 साल घोर तपस्या की।"
ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर का पद छोड़ने के साथ ही इस पद के बदले दो लाख रुपये मांगे जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मैं किन्नर अखाड़े की आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का बहुत सम्मान करती हूं। जहां तक पैसे के लेनदेन की बात है, तीन-चार महामंडलेश्वर और तीन-चार जगद्गुरु के सामने मुझसे दो लाख रुपये मांगे गए थे। जब मैंने कहा कि मेरे पास दो लाख रुपये नहीं हैं तो वहां मौजूद महामंडलेश्वर जय अंबा गिरि ने अपनी जेब से दो लाख रुपये निकालकर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी जी को दिया।"
ममता कुलकर्णी ने कहा, "जिन चंडी देवी की आराधना मैंने की, शायद वहीं मुझे संकेत दे रही हैं कि मुझे इन सब चीज़ों से बाहर निकलना चाहिए।" ममता कुलकर्णी तब सुर्खियों में आई थीं जब 24 जनवरी को उन्हें किन्नर अखाड़ा में महामंडलेश्वर बनाया गया था।अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उन्हें नया नाम श्री यमाई ममता नंद गिरि दिया था।